• त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ की संदिग्ध मौत, यूपी के बागपत स्थित पैतृक गांव में पसरा मातम

    त्रिपुरा के डीजीपी और यूपी के बागपत निवासी पुलिस महानिदेशक (आईपीएस) अनुराग धनखड़ की पुलिस मुख्यालय स्थित अपने दफ्तर में फंदे से लटके मिले. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. उनके पैतृक गांव बिहारीपुर में पसरा मातम. भाइयों का  रो रोकर बुरा हाल है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-

    अगरतला, 21 जुलाई 2026. त्रिपुरा के डीजीपी की मौत की खबर सामने आने से खलबली मची हुई है. हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि  क्यों और किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई है. मिली जानकारी के अनुसार डीजीपी अनुराग धनखड़ सोमवार को अपने दफ्तर के वॉशरूम में फंदे से लटके हुए थे. फंदे से उतार कर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें भी घोषित कर दिया.

    त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक यानी (डीजीपी ) अपने ऑफिस में मृत पाए गए हैं. अनुराग धनख़र के संदिग्ध मौत की खबर सामने आने से अगरतला से दिल्ली तक खलबली मची हुई है. बताया जा रहा है कि उन्होंने कथित तौर पर  आत्महत्या कर ली. इस घटना की सूचना सामने आने के बाद राज्य के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. अंतिम संस्कार के लिए उनका शव बागपत स्थित पैतृक घर ले जाया जाएगा. परिवार में पत्नी और एक बेटा है जो कनाडा में रहता है. हालांकि, घटना को लेकर अभी तक त्रिपुरा सरकार या त्रिपुरा पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है और मजिस्ट्रेट से जांच के निर्देश दिए हैं.

    प्रारंभिक तौर पर विभिन्न माध्यमों से यह दावा किया जा रहा है कि पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़  ने आत्महत्या की है, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. अधिकारियों की ओर से घटना के कारणों या परिस्थितियों के बारे में भी कोई आधिकारिक  जानकारी साझा नहीं की गई है. सूत्र बताते हैं कि मामले की जांच की जा रही है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों का पता लगाने में जुटी है.

    फिलहाल जीबी अस्पताल में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही है. घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंच गए हैं. चूंकि राज्य सरकार और पुलिस की ओर से अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, इसीलिए घटना से जुड़े कारणों और परिस्थितियों का स्पष्ट तौर पर अभी तक पता नहीं चल सका है. आधिकारिक बयान और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है. तब तक सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर प्रसारित हो रहे दावों को सत्यापित जानकारी नहीं माना जा सकता.