• शक्कर से भी मीठा बोलने वाले केएन कान्डे, 36 साल की शासकीय सेवा के बाद हुए सेवानिवृत्त

    रायपुर, 3 सितंबर 2026। सरकार और शासकीय सेवक जनता को तमाम सहूलियत प्रदान करने के लिए काम करते हैं। एक शासकीय सेवक की बात करें तो वह अपने सेवाकाल में बड़ी ऊंचाइयों को छू लेता है। लेकिन लोग उनके बड़े ओहदे या सम्पन्नता से याद नहीं करते बल्कि मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए लोक कल्याण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों से याद करते हैं। उसमें भी अहम है लोगों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और व्यवहार। 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हुए केएन कांडे लोगों और मातहतों के प्रति सकारात्मक और उदार रवैया अपनाते थे। इसलिए प्रदेशभर में कांडे के जनसंपर्कों का समुद्र बहुत विशाल है।

    अपर पंजीयक एवं प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक केएन कांडे के पास जब लोग गुस्से से पहुंचते थे तो कांडे की सौम्य बातें सामने वाले की क्रोधाग्नि में पानी डालकर शांत कर देती थी। कांडे की वाकपटुता शैली की  तारीफ करते हुए उनके अधीनस्थ अधिकारी कहते थे कि कांडे साहब से ज्यादा बात करने से शुगर होने का खतरा बढ़ जाता है। अर्थात् कांडे जी इतना मीठा बोलते हैं कि शुगर होना लाजमी है। भागदौड़ की जिंदगी में लोगों को इतने धैर्य से सुनना और इतना मीठा बोलना भी बहुत कठिन काम है। लेकिन कांडे में यह गुण इनबिल्ट ही था ऐसा लगता है। 'न मिलो हमसे ज्यादा कहीं प्यार ना हो जाए' की तर्ज पर कांडे का व्यक्तित्व इतना आकर्षक था कि लोग उनसे प्रभावित हुए बिना रह नहीं पाते थे।

    केएन कांडे सहकारिता के बहुत सुलझे हुए अधिकारी थे। वे अपने नित नए प्रयोगों और नवाचारों के लिए सदैव याद किए जाएंगे। सत्ता किसी की भी रही हो कांडे जी के अनुभवों और विद्वता का सभी सरकारों ने भरपूर उपयोग किया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केएन कांडे को 10 सालों तक अपने गृह जिले में पदस्थ रखे। कवर्धा और पंडरिया शुगर फैक्टरी की स्थापना में कांडे का अहम योगदान था। रमन सिंह आज भी कहते हैं कि 49 करोड़ के शुगर फैक्ट्री लगाकर क्षेत्र के किसानों को 5000 करोड़ से अधिक का लाभ मिला। यह सही भी है कि कवर्धा में शक्कर कारखाना लगने के बाद से वहां हर धनतेरस- दिवाली में किसान 200-250 ट्रैक्टर खरीदते हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए डॉ. रमन सिंह शुगर फैक्ट्री के मामलों में कांडे से सीधे बात करते थे और उनसे सलाह भी लेते थे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांडे की प्रतिभा को बखूबी जानते थे और उन्हें अपने गृह जिले दुर्ग में लेकर गए। बाद में उन्हें अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी सौंपी। 2023 में राज्य में सत्ता बदलते ही भाजपा सरकार ने उन्हें निरंतर किया। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने एमडी के साथ-साथ कांडे को अपना ओएसडी भी बनाया।

    केएन कांडे कुल 36 साल और 6 महीने की शासकीय सेवा के बाद 31 अगस्त को अपर पंजीयक के पद से सेवानिवृत्त हो गए। शुरुआती दौर में वे चार साल भिलाई स्टील प्लांट को अपनी सेवाएं दिए। फिर एमपी पीएससी से सहायक पंजीयक सहकारिता के पद पर चयनित होकर कांडे की पहली पोस्टिंग होशंगाबाद हुई। इसके बाद वे तीन साल अविभाजित बस्तर जिले में रहे। कवर्धा, कोरिया, सरगुजा और दुर्ग में अपने सेवा का बड़ा पड़ाव बिताया। आखिरी छह साल रायपुर में अपेक्स बैंक के एमडी के रूप में अपनी सेवाएं दी। करोनाकाल में जहां देशभर की सहकारी बैंकों का हाल बहुत बुरा था, ऐसे दौर में भी छत्तीसगढ़ के अपेक्स बैंक ने अच्छा परफॉर्म किया। जिसके लिए अपैक्स बैंक को ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं कवर्धा सहकारी शक्कर कारखाना को शानदार प्रदर्शन के लिए 1 नवम्बर 2012 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पुरस्कृत किया था।

    बहरहाल के.एन. कांडे  की सेवानिवृत्ति पर 31 अगस्त को अपेक्स बैंक एवं सहकारिता विभाग ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। जिसमें विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों समेत सैकड़ों की संख्या में प्रदेश भर से कांडे के चाहने वाले और उनके शुभचिंतक पहुंचे थे। इस दौरान अपैक्स बैंक के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता ने कांडे को सम्मानित किया। अपेक्स बैंक नया रायपुर में आयोजित विदाई समारोह में सहकारिता और बैंक के अधिकारियों ने विभाग के लिए कांडे की अप्रतिम योगदान को याद किया। 

    विदाई समारोह में अपेक्स बैंक के प्राधिकारी केदार गुप्ता ने कहा कि केएन कान्डे भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा, मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना अंबिकापुर एवं लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना पंडरिया के स्थापना में अहम भूमिका रही है। केएन कान्डे के दीर्घकालीन अनुभवों का लाभ अपेक्स बैंक मिला, जिससे अपेक्स बैंक लगातार लाभार्जन की स्थिति में आया। जब  जुलाई 2020 में केएन कान्डे ने अपेक्स बैंक में प्रबंध संचालक का पदभार ग्रहण किया तब बैंक की वर्किंग कैपिटल 7493 करोड़ थी, जो वर्ष 2025-26 में 11901 करोड़ हो गई। प्रदेश के को-आपरेटिव्ह बैंकों में वर्ष 2020-21 में 30 एटीएम लगे थे जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 269 हो गए। प्रदेश के को-आपरेटिव्ह बैंकों की शाखाएं वर्ष 2020-21 में 302 थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 345 हो गई। केएन कान्डे के कुशल मार्गदर्शन तथा समन्वय में प्रदेश के को-आपेटिव्ह बैंकों में नवीन संवर्ग के 395 पदों की भर्ती निर्विवाद एवं पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुआ। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तथा वनांचलों में अपेक्स बैंक तथा को-आपेटिव्ह बैंकों की नवीन शाखाएं खोली गई। अपेक्स बैंक की कुनकुरी, सरिया, तमनार, बगीचा एवं फरसाबहार में शाखाएं खोली गई।

    विदाई कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त संदीप गुप्ता ने कहा कि को-आपरेटिव्ह बैंकों तथा पैक्स सोसाइटियों का पूर्ण कम्प्यूटरीकरण में केएन कान्डे की भूमिका महत्वपूर्ण रहा है। प्रदेश में 725 पैक्स सोसाइटी में कार्यालय सह-गोदाम निर्माण पूर्ण किया गया। केएन कान्डे के कुशल मार्गदर्शन में 2025 में अंर्तराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में इंडोर स्टेडियम, रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन तथा 2026 में कृषि मंडपम, लाभांडी रायपुर में राज्य राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलनों का सफल आयोजन किया गया।

    विदाई समारोह में अपर आयुक्त द्वय सावित्री भगत तथा यूबीएस राठिया, संयुक्त आयुक्त उमेश तिवारी, डीपी टावरी, दिलीप जायसवाल, किरण गुप्ता, एसके तिग्गा, संयुक्त आयुक्त बिलासपुर बसंत कुमार, संयुक्त आयुक्त दुर्ग मुकेश कुमार ध्रुव, संयुक्त आयुक्त जगदलपुर विनोद बुनकर, संयुक्त आयुक्त मुकेश कुमार ध्रुव, मार्कफेड सचिव भूपेन्द्र ठाकुर, उपायुक्त युगल किशोर वर्मा, एनएल टंडन, एनआरके चंद्रवंशी, विकास खन्ना, शिल्पा अग्रवाल, पुर्णिमा सिंह, अवधेश मिश्रा, भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के प्रबंध संचालक जीएस शर्मा, अंबिकापुर शक्कर कारखाना के प्रबंध संचालक राजेन्द्र प्रसाद राठिया, दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना के प्रबंध संचालक सतीश पाटले, अपेक्स बैंक के डीजीएम भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम अरूण पुरोहित, एलके चौधरी तथा अजय भगत, अभिषेक तिवारी, एके लहरे, गुंजार सिंह ठाकुर, रूमित सोढ़ी, संवर्ग अधिकारी पंकज सोढ़ी तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के सीईओ रायपुर अपेक्षा व्यास, सीईओ दुर्ग एसके वर्मा, सीईओ बिलासपुर प्रभात मिश्रा, सीईओ अंबिकापुर श्रीकांत चंद्राकर, सीईओ राजनांदगांव सुधीर सोनी, सीईओ जगदलपुर केएस ध्रुव व बड़ी संख्या में अधिकारी- कर्मचारी मौजूद रहे।