• धान के निराकरण में अनावश्यक विलंब करने वाले राइस मिलर्स पर कार्रवाई करें: शशिकांत द्विवेदी

    रायपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के प्राधिकारी शशिकांत द्विवेदी ने उपार्जित धान के निराकरण की प्रगति और संस्था के विभिन्न शाखाओं के कार्यों की समीक्षा की। मार्कफेड के नया रायपुर स्थित मुख्यालय में आयोजित बैठक में संघ की विभिन्न शाखाओं/कक्षों द्वारा संचालित व्यवसायिक एवं वित्तीय गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य रूप से लेखा शाखा, विपणन शाखा, धान उपार्जन एवं निराकरण, आगामी खरीफ विपणन वर्ष (KMS 2026-27) हेतु धान खरीदी की तैयारी, खाद वितरण एवं भंडारण तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर संबंधित शाखा/कक्ष प्रभारियों से जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

    लंबित वित्तीय अनियमितता के मामलों की जांच तेजी से हो

    लेखा शाखा के अंतर्गत संघ के आय-व्यय एवं वर्तमान वित्तीय स्थिति की समीक्षा की गई। विभिन्न समितियों/संस्थाओं से लंबित देयकों एवं वसूली की स्थिति की जानकारी ली गई। धान खरीदी एवं उपार्जन से संबंधित भुगतान एवं व्यय, मिलर्स, परिवहनकर्ताओं तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के लंबित भुगतानों की समीक्षा की गई। लंबित ऑडिट आपत्तियों एवं उनके निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त बैंक खातों, बैंक मिलान, लंबित समायोजन, बजट प्रावधान एवं आगामी वित्तीय आवश्यकताओं की समीक्षा की गई। विभिन्न मदों में लंबित अग्रिम राशि के समायोजन तथा वित्तीय अनियमितताओं/लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए प्रकरणों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया।

    धान के निराकरण में अनावश्यक विलंब करने वाले राइस मिलर्स पर कार्रवाई करें

    खरीफ विपणन वर्ष KMS 2025-26 में उपार्जित धान के निराकरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समितियों में उपलब्ध धान के मिलिंग हेतु उठाव, मिलर्स द्वारा धान उठाव तथा लंबित स्टॉक की स्थिति की जानकारी ली गई।

    FCI एवं NAN में चावल जमा की प्रगति तथा लंबित चावल की मात्रा की समीक्षा करते हुए शेष चावल को निर्धारित समय-सीमा में जमा कराने हेतु आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

    कस्टम मिलिंग से संबंधित लंबित प्रकरणों, धान एवं चावल के परिवहन तथा लंबित परिवहन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। समितियों में उपलब्ध शेष धान के भौतिक सत्यापन एवं स्टॉक मिलान, सुरक्षित भंडारण एवं गुणवत्ता संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। धान निराकरण में अनावश्यक विलंब करने वाले मिलर्स एवं संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    KMS 2026-27 में धान खरीदी की तैयारी की समीक्षा

    आगामी खरीफ विपणन वर्ष KMS 2026-27 में धान खरीदी प्रारंभ किए जाने के पूर्व की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

    उपार्जन केन्द्रों की संख्या एवं आवश्यकता के अनुसार केन्द्रों के निर्धारण, केन्द्रों में आवश्यक अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा बारदाना की आवश्यकता एवं उपलब्धता की समीक्षा की गई।

    इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता एवं सत्यापन की स्थिति की जानकारी ली गई। समिति स्तर पर आवश्यक मानव संसाधन एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था, किसानों के पंजीयन एवं संबंधित डाटा की तैयारी/सत्यापन की भी समीक्षा की गई।

    धान खरीदी, परिवहन एवं भंडारण के लिए पूर्व से कार्ययोजना तैयार करने तथा खरीदी केन्द्रों पर CCTV, इंटरनेट/कनेक्टिविटी एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व सभी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों की तैयारियों का निरीक्षण कर आवश्यक प्रमाणन की कार्यवाही पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया।

    खाद की कालाबाजारी व अन्य अनियमितताओं की रोकथाम हेतु प्रभावी निगरानी 

    खरीफ/रबी सीजन हेतु खाद की मांग, उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की गई। यूरिया, DAP, NPK एवं अन्य उर्वरकों के उपलब्ध स्टॉक तथा समितिवार खाद भंडारण एवं वितरण की स्थिति की जानकारी ली गई।

    मांग के अनुरूप समितियों में खाद की आपूर्ति एवं पुनर्वितरण सुनिश्चित करने तथा खाद के सुरक्षित भंडारण हेतु गोदामों की क्षमता एवं उपलब्धता की समीक्षा की गई।

    गोदामों में उपलब्ध खाद के स्टॉक का नियमित भौतिक सत्यापन करने, किसानों को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से खाद उपलब्ध कराने तथा लंबित खाद उठाव एवं परिवहन की समीक्षा नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गए।

    खाद की कालाबाजारी एवं अन्य अनियमितताओं की रोकथाम हेतु प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आगामी सीजन के लिए खाद की अग्रिम मांग एवं आपूर्ति की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

    समय सीमा में कार्य करें

    बैठक में समितियों के लंबित प्रकरणों, धान खरीदी एवं खाद वितरण से संबंधित शिकायतों तथा जिला/क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदनों की समीक्षा की गई। साथ ही विभागीय निर्देशों के पालन की स्थिति की समीक्षा करते हुए आगामी कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित करने एवं शाखावार जिम्मेदारी तय करने पर विशेष जोर दिया गया।

    धान के निराकरण में अनावश्यक देरी न हो

    प्राधिकारी महोदय द्वारा सभी शाखा/कक्ष प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि संघ की समस्त व्यवसायिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करते हुए निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाए।

    विशेष रूप से धान उपार्जन, धान निराकरण, कस्टम मिलिंग, चावल जमा, परिवहन, खाद वितरण एवं भंडारण तथा वित्तीय प्रकरणों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    सभी संबंधित अधिकारियों/कक्ष प्रभारियों को अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप कार्यवाही करते हुए आगामी समीक्षा बैठक में अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किए जाने की सहमति व्यक्त की गई।