उज्जैन की जमीनों पर घमासान: कांग्रेस ने की मुख्यमंत्री मोहन की घेराबंदी
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर उज्जैन में परिवार और संबंधित कंपनियों द्वारा 335 एकड़ जमीन खरीदने का आरोप लगाया है. पार्टी ने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जांच कराने और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की या खास रिपोर्ट:-
भोपाल, 24 जून 2026. मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने पारिवारिक सदस्यों, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर उज्जैन में जमीन खरीदी के आरोप लगाकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की घेराबंदी की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि यादव परिवार के पास उज्जैन और आसपास 335 एकड़ लैंड बैंक है. दरअसल इंडियन एक्सप्रेस अखबार मेें एक रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद मध्यप्रदेश मेें सियासी भूूूचाल आ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक सीएम बनने के बाद मोहन यादव परिवार द्वारा उज्जैन में बड़ा भूखंड खरीदने का आरोप लगाया है।
वर्ष 2021 से 25 के बीच यादव परिवार ने 253 एकड़ जमीन खरीदी. इनमें 168 एकड़ जमीन डॉ. यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी गई. जमीन उन्हीं इलाकों ( जैसे गांगेड़ी, नवाखेड़ा, सावराखेड़ी,
चंदेसरा आदि) में खरीदी गई, जहां सरकार ने नए मार्ग, हाईवे या उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत लैंड यूज ( कृषि से आवासीय या व्यवसायिक ) में बदलाव किए हैं.
प्रदेश की जनता को जवाब चाहिए
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आरोप दस्तावेजी सबूत पर आधारित सवाल है, जिनका जवाब मध्य प्रदेश की जनता को मिलना चाहिए. मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि इन कंपनियों और भूमि सौदों से उनका अथवा उनके परिवार का क्या संबंध है. कंपनियों द्वारा खरीदी गई भूमि का विवरण सार्वजनिक किया जाए और पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जांच कराई जाए.
नैतिकता आधार पर देना चाहिए इस्तीफा
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के परिवार और रिश्तेदारों के नाम जो 335 एकड़ भूमि है, उसमें वर्ष 2021 से 2025 के बीच लगभग 253 एकड़ भूमि खरीदी गई. वर्ष 2024-- 25 के दौरान 137 भूखंडों में 168 एकड़ भूमि खरीदी गई.
जहां विकास परियोजना, वहीं भूमि
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इसे संयोग कहें या सोची- समझी योजना कि जहां-जहां नई सड़कों, कॉरिडोर, बाईपास तथा विकास परियोजनाओं की घोषणाएं हुई, उन्हें क्षेत्रों के आसपास बड़े पैमाने पर भूमि खरीदी गई. इसमें उज्जैन-- बदनावर रोड, उज्जैन -- इंदौर रोड, पंचकोशी परिक्रमा मार्ग, उज्जैन -- मक्सी रोड, उज्जैन-- नागदा रोड, उज्जैन-- देवास रोड तथा गरोठ ग्रीनफील्ड कॉरिडोर जैसे प्रस्तावित विकास इलाका शामिल है.
चार कंपनियों के जरिए से खरीद--फरोख्त
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, उनके परिजनों तथा उनसे जुड़ी कंपनियां (सिध्दीविनायक देवकांस, मंगल मूर्ति इंफा, श्री अन्नपूर्णा इंटरप्राइजेज, श्रेया डेवलपर्स) के माध्यम से परिवार के सदस्यों-- भाई नंदलाल यादव, नारायण यादव, रेखा यादव- पत्नी नारायण यादव, भतीजे अभय यादव, चचेरे भाई गोविंद यादव, निलेश यादव, बहन कलावती यादव के नाम से आपस में ही खरीद बिक्री हुई.
दिल्ली से आया संदेश
कांग्रेस नेताओं को पत्रकार वार्ता करने का संदेश पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली से दिए. पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि इस गंभीर मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पत्रकार वार्ता करेंगे. इसमें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को बाद में जोड़ा गया. उधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोई पलटवार नहीं किया लेकिन सूत्र बताते हैं कि वह विधानसभा में वस्तु स्थिति रखते हुए वक्तव्य दे सकते हैं.
शपथ पत्र 2023 के मुताबिक मोहन व पत्नी के नाम पर 32 एकड़ से अधिक कृषि भूमि
जानकारी के मुताबिक, यादव दंपति ने बीते दो वर्ष में कोई नई अचल संपत्ति नहीं खरीदी है. विधानसभा चुनाव 2023 में प्रत्याशी के तौर पर डॉ. मोहन यादव द्वारा रिटर्निंग अधिकारी को दिए गए शपथ के मुताबिक, स्वयं और पत्नी सीमा यादव के नाम पर कुल 12.246 हेक्टेयर कृषि भूमि सेवरखेड़ी, भूखीमाता, चिंतामन रोड, बड़नगर रोड और उज्जैन कस्बा में स्थित है. इसमें सेवरखेड़ी स्थित 1.63 हेक्टर भूमि पैतृक संपत्ति के तौर पर दी हुई है, जिसका बाजार मूल्य एक करोड़ 80 लाख 95 हजार रुपए बताया गया. डॉ. मोहन और पत्नी की कृषि भूमि 2023 में बाजार मूल्य 15 करोड़ 88 लाख रुपए बताया गया है. इसके अलावा गैर कृषि भूमि भूखंड और वाणिज्यिक भवन भी पति-पत्नी के नाम पर मौजूद हैं. 2013 में शपथ पत्र के मुताबिक, लगभग 16 करोड़ रुपए और 2023 में 42 करोड़ रुपए दर्शायी गई थी.
बीजेपी ने किया मुख्यमंत्री का बचाव
कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया भी आई है. खुद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मोर्चा संभाला और एक वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस के आरोपों को सिरे से नकार दिया. खंडेलवाल ने कहा, डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए सभी आरोप गलत है. कांग्रेस नेता जनता में भ्रम फैलाकर गुमराह कर रहे हैं.