• कौन थे भरत तिवारी जिनकी पुलिस की गोली से मौत ने ला दिया है बिहार में सियासी भूचाल

    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने  भरत तिवारी मामले को संज्ञान में लिया है और एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की देखरेख में न्यायिक जांच का आदेश दे दिया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-

    भोजपुरी/ आरा, 24 जून 2026. बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर पुलिस इलाके के बिलौटी गांव के युवक भरत तिवारी को बीते 17 जून को बिहार पुलिस ने गोली मारी. घायल युवक की उसी दिन अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई. बिहार पुलिस ने घटना को मुठभेड़ बताया. लेकिन मृतक के परिजनों ने पुलिस पर युवक की हत्या करने का आरोप लगाया है. भरत तिवारी की पुलिस की गोली से मृत्यु का मामला अब इतना तूल पकड़ चुका है  कि बिहार के सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता इस पर सवाल उठा चुके हैं. जानते हैं कि इस घटना में अब तक क्या-क्या हुआ है और युवक भरत तिवारी कौन था.

    भरत तिवारी की शिक्षा और पृष्ठभूमि?

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 वर्षीय भरत तिवारी एक साधारण और मध्यम वर्गीय परिवार से आते थे. भरत तिवारी ने स्नातक करने के बाद कुछ साल तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की. पिछले कुछ साल से वह सामाजिक कार्यों में अधिक रुचि लेने लगा था. वह जनकल्याण से जुड़े मुद्दे सोशल मीडिया के माध्यम से उठाता था. स्थानीय ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि वह उनके जीवन में आने वाली समस्याओं के निराकरण में  बढ़ -चढ़कर मदद किया करता था. भरत तिवारी भ्रष्टाचार व अशिक्षा मिटाने का भी आह्वान किया करता था.

    भरत तिवारी से जुड़ा ताजा विवाद 

    यह विवाद 15 जून 2026 को शुरू हुआ, जब भारत तिवारी ने फेसबुक पर कई मैसेज पोस्ट किए. पोस्ट में उसने देश में क्रांतिकारी युद्ध शुरू करने की बात कही और जगदीशपुर के एसडीएम को जान से मारने की धमकी दी. पुलिस 15 जून को दो बार उसके घर गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला. वह उस दिन पुलिस के सामने भी पेश नहीं हुआ. पुलिस के मुताबिक, 16 जून को शाहपुर पुलिस को सूचना मिली कि  एक आदमी हथियार लेकर घूम रहा है. उस आदमी की पहचान बिलौटी गांव के रहने वाले भरत तिवारी के तौर पर हुई. सोशल मीडिया पर उसके हथियार पकड़े हुए कई फोटो भी सामने आए. जब पुलिस पूछताछ कीजिए उसके घर पहुंची, तो भारत के पास बंदूक थी.

    उसने पुलिस अधिकारियों से बात करते हुए फेसबुक पर लाइव भी किया. लाइव वीडियो में भरत ने बिहार सरकार और प्रशासन पर उसे एनकाउंटर में मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उसने दावा किया कि अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई की योजना बना रहे हैं और सिस्टम के खिलाफ बड़े संघर्ष की चेतावनी दी. जैसे ही वीडियो और पोस्ट ऑनलाइन वायरल हुआ, तब भोजपुर पुलिस ने 16 जून की देर रात सोशल मीडिया पर कहा कि भरत तिवारी मानसिक रूप से ठीक नहीं लग रहा है और उसे इलाज के लिए मेडिकल भेजने हेतु कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि  उसके पास से हथियार बरामद करने और किसी भी अनहोनी को  रोकने की कोशिश की जा रही है. 17 जून की सुबह भरत तिवारी फिर से फेसबुक पर लाइव हुआ. वीडियो में उसने दावा किया कि  पुलिस उसे मानसिक बीमार बताकर ले जाना चाहती है. उसने अपनी तुलना स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह से की और खुलेआम पुलिस वालों को धमकी दी.

    भरत तिवारी की मृत्यु के दिन क्या हुआ?

    पुलिस को खबर मिली थी कि भरत तिवारी के पास अवैध हथियार है और वह किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है. इसी के सिलसिले में पुलिस कार्रवाई करने  के लिए बिलौटी गांव पहुंच गई. पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी ने पुलिस टीम पर हमला करने का प्रयास किया और स्थिति ऐसी बन गई कि गोलीबारी हुई. गोलीबारी के दौरान भरत तिवारी को कई गोलियां लगी और उसे गंभीर हालत में आरके सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके बाद उसे पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

    भरत तिवारी की मृत्यु से पहले का वायरल वीडियो
    हालांकि, एक वायरल वीडियो ने  मामले को गर्मा दिया. दरअसल, वायरल वीडियो में भरत तिवारी पुलिस की ओर हथियार फेंकता हुआ दिखाई दे रहा है और उसके बाद उसे गोली मारी गई. जैसे ही भरत तिवारी की मौत की खबर फैली, पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया. परिजनों ने भरत तिवारी का शव आरा - बक्सर फोरलेन पर रखकर घंटों सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया.

    भरत तिवारी के पिता और भाई पर प्राथमिकी दर्ज 
    प्रदर्शन के बाद पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को भी नामजद किया गया.


    तेजस्वी यादव ने भरत तिवारी की हत्या का मुद्दा उठाया
    भरत तिवारी के कथित मुठभेड़ पर स्थानीय निवासियों द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद राजनेता भी इस पर अंगुली उठाने लगे हैं. भरत तिवारी की मृत्यु की जांच की मांग सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों दलों के नेता करने लगे.

    तीन पुलिस कर्मी सस्पेंड 
    भरत तिवारी मामले में तीन पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है. शाहाबाद रेंज के पुलिस डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश ने शाहपुर के थाना प्रभारी राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है. जबकि मौके पर मौजूद एक सब इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल को भी सस्पेंड किया गया है. खबर है कि यह मामला अब हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और आगे क्या होता है यह देखने वाली बात होगी.