• सीजफायर के बीच अमेरिकी सेना का दक्षिणी ईरान पर हमला, शांति वार्ता पर होगा असर?

    अमेरिका ने यह हमला ऐसे वक्त में किया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ही कहा था कि युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है।

    नई दिल्ली, 26 मई 2026। अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने सोमवार को दक्षिणी ईरान पर हमला किया है। इस दौरान ईरानी मिसाइल वाली जगहों और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए थे और इनका मकसद ईरानी बलों के खतरों से अपने सैनिकों की रक्षा करना था। सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना ने सीजफायर के दौरान संयम रखा है और अपनी सेनाओं की रक्षा कर रही है।न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, हॉकिन्स ने कहा कि ये हमले बंदर अब्बास के पास के एक इलाके को निशाना बनाकर किए गए थे।

    ट्रंप ने दी बड़ी जानकारी
    इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, “संवर्धित यूरेनियम (न्यूक्लियर डस्ट) या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाएगा ताकि उसे अमेरिका ले जाकर नष्ट किया जा सके या फिर ईरान के साथ मिलकर उसे वहीं नष्ट किया जाएगा या किसी दूसरी जगह पर ऐसा किया जाएगा।” ट्रंप ने कहा कि यह प्रक्रिया परमाणु ऊर्जा आयोग (Atomic Energy Commission) या इसके जैसी ही किसी दूसरी संस्था की मौजूदगी में पूरी की जाएगी।

    अमेरिका ने यह हमला ऐसे वक्त में किया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ही कहा था कि युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है हालांकि अमेरिका की ओर से यह भी कहा गया है कि इस संबंध में अंतिम फैसला लेने में कुछ वक्त जरूर लग सकता है। दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने भी कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ तरक्की हुई है लेकिन संघर्ष को समाप्त करने के लिए कोई समझौता जल्द नहीं हो सकता।

    अमेरिका द्वारा किए गए इस ताजा हमले पर ईरान ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। देखना होगा कि इन हमलों का अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर चल रही बातचीत पर क्या असर पड़ेगा?

    ‘अमेरिका बार-बार बदल रहा अपना रुख’
    ईरान ने अमेरिका की ओर से शांति वार्ता में हो रहे बदलावों की कड़ी आलोचना की है। ईरान ने कहा कि शांति वार्ता जारी होने के बावजूद इस तरह के बदलावों से बातचीत और भी मुश्किलें पैदा करती हैं।