• कौन है कृष्ण मोहन, जो बने राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव, चंपत राय की लेंगे जगह

    अयोध्या के  राम मंदिर ट्रस्ट चढ़ावा  चोरी मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और दूसरे ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा ट्रस्ट ने मंजूर कर लिया. वहीं चंपत राय की जगह अब कृष्ण मोहन ट्रस्ट का कामकाज देखेंगे. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट:-

    अयोध्या, 7 जुलाई 2026. अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक ( सोमवार, 6 जुलाई को) खासी गहमागहमी भरे माहौल में करीब 3 घंटे तक चली. इस दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और दूसरे ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया. यह जानकारी ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष  गोविंद देवगिरी ने ट्रस्ट की बैठक के बाद एक पत्रकार वार्ता में दी. इस दौरान गोविंद देवगिरी बेहद भावुक दिखे. उन्होंने कहा कि वह चढ़ावा  चोरी से आहत है. उन्होंने बताया कि अंतरिम व्यवस्था के तौर पर मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी  कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है. वह चंपत राय की जगह लेंगे और फिलहाल मंदिर ट्रस्ट का कामकाज देखेंगे.

    कौन है कृष्ण मोहन?
    कृष्ण मोहन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं. वह भारतीय वन सेवा के अधिकारी रह चुके हैं. नौकरी से रिटायर होने के बाद कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में  शामिल हो गए थे. वे यूपी के हरदोई के रहने वाले हैं. पिछले साल यानी सितंबर 2025 में ही उन्हें ट्रस्ट का नया ट्रस्टी बनाया गया. उनकी नियुक्ति कामेश्वर चौपाल के निधन से खाली हुई सीट पर हुई थी. बड़ी बात यह है कि ये वही ट्रस्टी हैं, जिनकी शिकायत पर राम मंदिर में चढ़ावा चूड़ी का केस दर्ज हुआ.

    2012 में वन सेवा से रिटायर हुए 

    कृष्ण मोहन की पढ़ाई  लखनऊ यूनिवर्सिटी से हुई है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआती दिनों में परमाणु ऊर्जा विभाग में कुछ साल काम किया था. बाद में वह भारतीय वन सेवा के लिए चुने गए थे. इस सेवा में उन्होंने महाराष्ट्र में काम किया और 2012 में अपने पद से रिटायर हो गए एवं समाज सेवा के काम में जुट गए.

    आठ लोगों को गिरफ्तारी हुई है 

    प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ट्रस्ट  के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने कहा कि हम चाहते हैं कि दान चोरी के दोषियों को सजा मिले, लेकिन जो लोग अचानक सनातन प्रेम प्रदर्शित कर रहे हैं, वे बस हिंदुओं को बांटने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि दान में दी गई जिन महंगी चीजों के चोरी होने की बात कही जा रही है, वे सभी प्रदर्शित की जाएगी.

    बता दें कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों  की यह बैठक मंदिर के दान में कथित हेरा फेरी के विवाद के बीच हुई. इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी ) की शुरुआती जांच के  आधार पर केस दर्ज होने के बाद आठ लोगों की गिरफ्तारी हो सकी है.

    कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग

    बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास समेत 
    सात स्थायी सदस्य शामिल रहे. लेकिन सूत्र बताते हैं कि बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों ही मौजूद नहीं थे. बैठक के लिए राम मंदिर परिसर के आसपास  सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और कार्यक्रम स्थल के पास निजी गाड़ियों और मीडिया कर्मियों की गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी. सुरक्षा कारणों से बैठक की जगह मणिराम दास छावनी से बदलकर मंदिर परिसर के अंदर बने गेस्ट हाउस में कर दी गई थी. इससे पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि वह कथित चोरी की घटना से बहुत आहत हैं और उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग भी उठाई है.