• नेपाल में फ्लैश फ्लड से 579 लोगों की मौत, रासुवा और नुवाकोट सबसे अधिक प्रभावित

    नेपाल में आई बाढ़ के बाद हर तरफ तबाही का मंजर है. अभी तक 579 से अधिक  मौतों की पुष्टि हो चुकी है, वहीं 2000 से ज्यादा लोग लापता है. कई लोगों का अब तक पता नहीं चल पा रहा है कि उनके परिजन कहां हैं और किस हाल में हैं. लेकिन उन्हें उम्मीद है कि शायद इस त्रासदी में उनके अपने सुरक्षित बच निकले होंगे. पढ़िए  समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की  ये खास रिपोर्ट..

    काठमांडू/ नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026. नेपाल पुलिस के मुताबिक, बुधवार को आई भीषण तूफानी बाढ़ में अब तक 579 लोगों की मौत हो चुकी है. पुलिस ने बताया कि आई प्रलयंकारी बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रासुवा और नुवाकोट जिलों से शव बरामद हुए हैं. हालांकि, बड़ी संख्या में शव चितवन जिले में मिले हैं. चितवन से होकर त्रिशूली नदी गुजरती है, जो आगे जाकर सेती गंड़की नदी में मिलती है. बाढ़ के तेज बहाव के चलते शव भाखड़ा चितवन तक पहुंचने की आशंका है. नेपाल में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव  अभियान लगातार जारी है. कई इलाकों में भारी तबाही के कारण बचाव टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

    नेपाल सरकार ने बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक लापता विदेशी नागरिकों की सूची जारी की है. इस आपदा में 579 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

    सरकार की ओर से जारी सूची में 537 विदेशी नागरिकों के नाम, जन्मतिथि और उनकी राष्ट्रीयता से संबंधित जानकारी दी गई है. ये सभी लोग बाढ़ आने के बाद से संपर्क में नहीं है. वहीं, लापता लोगों में सबसे अधिक 320 भारतीय नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा 65 अमेरिकी, 53 यूक्रेनी, 51 मलेशियाई, 33 ऑस्ट्रेलियाई, और 33 ब्रिटिश नागरिक भी सूची में शामिल हैं.

    दरअसल, नेपाल में बुधवार को एक फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. कई इलाकों में सड़कें और पुल बह गए हैं, जिससे राहत और बचाव  अभियान प्रभावित हुआ है. अधिकारियों की ओर से लापता लोगों की तलाश जारी है और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है.

    नेपाल पुलिस का कहना है कि शुक्रवार सुबह 9 बजे तक, रासुवा जिले में बुधवार को आई बाढ़ की वजह से 579 लोगों की मौत हो चुकी है.
    पुलिस ने यह भी बताया कि बचाव और तलाशी अभियान जारी है, साथ ही प्रभावित इलाकों में "रास्ते से मलबा हटाने" की कोशिशें भी चल रही है. इस संबंध में नेपाली सेना का कहना है कि उसने बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित  इलाकों से 900 लोगों को बचा लिया है. बचाए गए लोगों में 92 भारतीय समेत 119 विदेशी नागरिक शामिल है.

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीमा के तिब्बत वाले हिस्से में  550 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. इनमें करीब  260 विदेशी नागरिक शामिल है. खबर है कि लापता लोगों में  वे श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो पवित्र माउंट कैलाश की यात्रा पर निकले थे.

    नेपाल में बाढ़ के बाद  यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर में मिले शव 
    नेपाल में बाढ़ का असर अब भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखने लगा है. उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में गंडक (नारायणी ) नदी से 4 शव और कुशीनगर में 3 शव बरामद किए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, इनमें 5 महिलाएं और 2 पुरुष हैं. आशंका है कि ये शव नेपाल में आई बाढ़ के दौरान नदी में बह गए और तेज बहाव के साथ  भारत की तरफ आए. बता दें कि सशस्त्र सीमा बल की बचाव टीम ने नदी में निगरानी के दौरान शवों को बहते हुए देखा.

    इस टीम ने मोटरवोट की मदद से इन्हें नदी से बाहर निकाला और महाराजगंज व कुशीनगर जिला मुख्यालय भेज दिया. बावजूद इसके  शवों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है. हालांकि, इस बारे में निचलौल तहसील के तहसीलदार सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि गुरुवार दोपहर में 4  शव गंडक नदी से बरामद हुए हैं. जिनमें 3 महिलाएं और 1 पुरुष हैं. आशंका है कि शव अपस्ट्रीम यानी नेपाल से बहकर आए हैं.