छात्र आंदोलन की सभी एफआईआर रद्द, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, सीजेपी ने 5 सितंबर का दिल्ली मार्च लिया वापस
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट:-
नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026. छात्र आंदोलन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी ) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र - प्रदर्शनों से जुड़ी सभी प्राथमिकी को रद्द करने का आदेश दिया है. इसी के साथ सीजेपी ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया है. सीजेपी की ओर से सौरव दास ने चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मार्च वापस लेने की जानकारी दी.
सरकार ने मुआवजे के लिए दिया भरोसा
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के वादे को पूरा करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने मुआवजे की प्रक्रिया और तौर - तरीके तय करने के लिए कोर्ट से 3 महीने का समय मांगा है.
आंदोलन के बाद मिली तीन बड़ी उपलब्धियां
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद छात्र आंदोलन से जुड़ी सभी मुकदमे रद्द हो गई है. वहीं, 5 सितंबर का प्रस्तावित दिल्ली मार्च अब नहीं होगा और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की राह भी साफ हो गई है. इस फैसले को कॉकरोच जनता पार्टी की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने लंबे समय से छात्रों के हक की आवाज उठाई थी.