अशोकधाम हादसा: हाईटेंशन तार नहीं, अफवाह और भगदड़ ने ली आठ महिलाओं की जान, 19 घायल, जांच के आदेश
बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर में सावन में तीसरी सोमवारी पर एक भयावह हादसा हुआ. यहां शिवकुंड के समीप 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार गिरने से मची भगदड़ में 8 महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई और 19 श्रद्धालु घायल हो गए. प्रशासन ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट:-
लखीसराय, 17 अगस्त 2026. यहां के प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) के समीप सोमवार की सुबह हुए दर्दनाक हादसे की असली वजह सामने आ गई है. इस भीषण दुर्घटना में आठ महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई और एक दर्जन से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए हैं. शुरुआती दौर में 11 हजार वोल्ट का बिजली तार गिरने और करंट लगने से मौत की बात कही जा रही थी, लेकिन जिला प्रशासन ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है. जिला कलेक्टर शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की मौत करंट लगने से नहीं, बल्कि एक झूठी अफवाह के बाद मची भगदड़ के कारण हुई है.
हॉल्ट पर ट्रेनों का आगमन और पोल गिरने से फैली दहशत
प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, घटना की मुख्य वजह अशोक धाम हॉल्ट पर एक ही समय में दो दिशाओं से ट्रेनों का आ जाना था. ट्रेनों को देखकर स्टेशन और मंदिर के आसपास मौजूद कुछ युवकों ने अचानक भागदौड़ शुरू कर दी. इसी भारी अफरा - तफरी के बीच वहां लगा एक बिजली का पोल भीड़ के दबाव या भाग - दौड़ के कारण नीचे गिर गया. पोल के गिरते ही वहां मौजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के बीच यह अफवाह तेजी से फैल गई कि जमीन पर करंट दौड़ गया है.
कटी थी बिजली और कवर्ड था तार, फिर भी मची अंधी दौड़
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिस समय पोल गिरा, उस समय इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद थी. इसके अलावा जो तार जमीन पर गिरा था, वह पूरी तरह से कवर्ड यानी इंसुलेटेड था. इसके बावजूद अफवाह ने श्रद्धालुओं के बीच ऐसी दहशत फैलाई कि लोग बिना सोचे- समझे अपनी जान बचाने के लिए बेतहाशा भागने लगे. इसी अंधी दौड़ में कतार में लगी महिलाएं बेकाबू भीड़ के धक्के से नीचे गिर गई और लोगों के पैरों तले कुचले जाने से 8 श्रद्धालु महिलाओं की जान चली गई.
मृतकों की हुई पहचान, राहत कार्य और जांच के आदेश जारी
घटना की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे तथा स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया. सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है.
प्रशासन ने हादसे में जान गंवाने वाली कुछ महिलाओं की पहचान सार्वजनिक की
● मनमाला देवी (44) बड़हिया, ● रिंकू देवी(50) सफिया सराय - मुंगेर, ● हेमलता देवी(55 ) प्रतापपुर लखीसराय, ● ललिता देवी, ● सोनी देवी, ● संगीता देवी सभी लखीसराय बिहार निवासी बताया गया है. तीसरी सोमवारी पर जल चढ़ाने पहुंची सभी मृतक महिलाओं की संख्या की पुष्टि लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने कर दी है. भगदड़ में 19 लोग घायल हैं. जिनमें 5 की हालत गंभीर होने से उसे हायर सेंटर भेजा गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे पर दुख जताया है. वही मुख्यमंत्री चौधरी ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. खबर है कि लखीसराय के एसपी प्रेरणा कुमार जहां मंदिर परिसर में कैंप कर रहे हैं वहीं, डीएम शैलेंद्र कुमार अस्पताल परिसर में मौजूद हैं. बता दें कि, मृतकों के साथ रहे उनके परिजनों के रोने से अस्पताल और मंदिर परिसर में मातम का माहौल है.