• 15 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ रेलवे का इंजीनियर पकड़ाया, निर्देशक का बेटा भी गिरफ्तार

    रिश्वत लेते हुए आरोपी इंजीनियर को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई ने इस मामले से जुड़े कई अन्य लोगों और दस्तावेजों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. साथ ही इस मामले में शामिल अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट:-

    विजयवाड़ा, 17 अगस्त 2026. केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने दक्षिण मध्य रेलवे के एक इंजीनियर को 15 लाख  रुपए की रिश्वत लेते हुए रविवार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई यह कार्रवाई दक्षिण मध्य रेलवे के  विजयवाड़ा स्थित सीएसटीई परियोजना मे की है. प्रदत्त जानकारी के मुताबिक, यहां रेलवे के 179. 50 करोड़ रुपए के परियोजना में 7 करोड़ के बोनस के लिए 15 लाख  रुपए की रिश्वत लिया जा रहा था.

    इंजीनियर ने जैसे ही रिश्वत की राशि ली, वैसे ही सीबीआई ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया. रिश्वत लेते दबोचे गए इंजीनियर की पहचान दक्षिण मध्य रेलवे के विजयवाड़ा स्थित सीएसटीई परियोजना कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ प्रकोष्ठ इंजीनियर वापी राजू के तौर पर हुई है. सीबीआई ने इंजीनियर बापू राजू के साथ
    येला कंस्ट्रक्शंस के प्रबंध निदेशक की बेटे श्रीचंद को भी अरेस्ट किया है.

    179. 50 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट

    सीबीआई के मुताबिक, जिस प्रोजेक्ट को लेकर यह रिश्वत मांगी और दी जा रही थी, उसकी कुल कीमत करीब 179. 50 करोड़ रुपए थी. यह काम स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग से जुड़ा था और इसे गणपति इंजीनियरिंग वर्क्स और येला कंस्ट्रक्शन के ज्वाइंट वेंचर को दक्षिण मध्य रेलवे की ओर से दिया गया था.

    समय से पहले काम पूरा करने के बदले करीब 7 करोड़ रुपए के बोनस का दावा
    जांच एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों निजी कंपनियों के ज्वाइंट वेंचर ने रेलवे का यह प्रोजेक्ट तय सीमा से पहले पूरा करने का दावा किया था. इसी आधार पर कंपनी ने रेलवे से करीब  7 करोड़ रुपए की बोनस की मांग की थी. सीबीआई को जानकारी मिली कि इस बोनस की फाइल को मंजूर कराने के लिए रेलवे के सीएसटीई परियोजना कार्यालय में तैनात कुछ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध  थी. आरोप है कि अधिकारियों ने बोनस से संबंधित फाइल में दर्ज तारीखों में बदलाव किया, ताकि निजी कंपनी के ज्वाइंट वेंचर को गलत फायदा मिल सके और बोनस के दावे को मंजूरी दिलाने का  रास्ता साफ हो सके.

    फाइल में तारीख बदलकर बोनस दिलाने का आरोप

    सीबीआई के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में यह सामने आया कि बोनस से जुड़ी फाइल की तारीखों में कथित तौर पर बदलाव किया गया था. एजेंसी को शक था कि इस बदलाव का मकसद ज्वाइंट वेंचर को लाभ पहुंचाना और करीब 7 करोड़ रुपए के बोनस दावे को मंजूरी दिलाने में मदद करना था. सीबीआई ने इस मामले में 16 अगस्त 2026 रविवार को केस दर्ज किया और एफआईआर में वरिष्ठ प्रकोष्ठ इंजीनियर, चार निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों और कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों  समेत निजी लोगों को भी आरोपी बनाया है.

    रिश्वत लेते हुए आरोपी इंजीनियर को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई ने मामले से जुड़े लोगों और दस्तावेजों की तलाश में कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. सूत्र बताते हैं कि यह सर्च ऑपरेशन एजेंसी टीमें विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, पीथापुरम और हैदराबाद में आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर की जा रही है.

    आज 17 अगस्त को कोर्ट में होगी  पेशी

    सीबीआई ने दोनों आरोपियों को रविवार 16 अगस्त को गिरफ्तार किया था और आज 17 अगस्त सोमवार को विजयवाड़ा की सक्षम अदालत में  पेश किया जाएगा.