मालिक को बचाने बाघिन से भीड़ गईं भैंसें
अपनी भैंसों को तलाशने गया चरवाहे पर बाघिन और उनके दो शावकों ने हमला बोल दिया। उसने मदद की गुहार लगाई, मालिक की चीख सुनकर भैंसें उन्हें बचाने के लिए बाघिन से भीड़ गईं। इस तरह चरवाहे की जान बची।
उमरिया, 16 अगस्त 2026। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में बुधवार को हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला। शावक के साथ मौजूद बाघिन ने 36 वर्षीय चरवाहे रामनरेश सिंह पर हमला कर दिया, लेकिन उसकी चीख सुनकर भैंसों का झुंड बाघिन के सामने डट गया। भैंसों के आक्रामक तेवर देखकर बाघिन को पीछे हटना पड़ा और चरवाहे की जान बच गई।
भैंसों को तलाशते कोर एरिया में पहुंचा चरवाहा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसर रामनरेश सिंह अपनी भैंसों को चराने के लिए जंगल के पास गया था। इसी दौरान उसकी दो भैंसें भटककर कोर क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ-443 की ओर चली गईं। उन्हें तलाशते हुए रामनरेश जंगल के अंदर पहुंच गया, जहां अचानक उसका सामना शावक के साथ मौजूद बाघिन से हो गया।
शावक के साथ बाघिन ने किया हमला
शावक के पास मौजूद बाघिन ने रामनरेश पर झपट्टा मार दिया। हमले में उसके हाथ में चोट आई। अचानक सामने आए खतरे से घबराए रामनरेश ने मदद के लिए चीखना शुरू कर दिया। अपने मालिक की चीख सुनकर भैंसें दौड़ते हुए उनकी ओर पहुंचीं। भैसों की झुंड की आक्रामकता को देखकर बाघिन डरकर अपने शावकों के साथ भाग गई।
आसपास टाइगर रिजर्व में मौजूद लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है। वहीं वन विभाग की टीम ने तत्काल चरवाहे रामनरेश की मदद की और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन के उस कोर एरिया में न जाने की लोगों से अपील की।