धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें, पांच बार के सीएम रहे दिग्गज नेता ने बढ़ाई शिक्षा मंत्री की टेंशन?
नीट पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. अब उनके ही राज्य के इस दिग्गज नेता ने उन्हें इस्तीफा देने का सुझाव दिया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट :-
नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे देश में धरना प्रदर्शन जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें पद से नहीं हटाए जाने को लेकर विपक्ष भी अब आक्रामक हो चुका है. इसी बीच ओड़िशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के सुप्रीमो नवीन पटनायक ने भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को मंत्री पद छोड़ देना चाहिए. पूर्व मुख्यमंत्री का बयान ऐसे समय में आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व सोमवार, 20 जुलाई को राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर से संसद मार्ग तक एक बड़ा प्रदर्शन शुरू हुआ. इस प्रदर्शन के बाद सरकार भी बैक फुट पर नजर आ रही है.
'धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए '
दिल्ली में छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा हुए प्रदर्शन पर बात करते हुए नवीन पटनायक ने कहा कि जिस तरह से युवाओं पर पुलिस द्वारा लाठियां बरसाई गई, उन्हें चोट पहुंचाया गया. यह देखने के बाद मुझे ऐसा लगता है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई युवा छात्र और छात्राओं पर हिंसक हमले हुए और वे गंभीर रूप से घायल हैं. नवीन पटनायक ने इस स्थिति को बेहद ही गंभीर बताया और कहा कि यह विरोध सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, देश के कई इलाकों में धर्मेंद्र प्रधान का विरोध हो रहा है.
'हमारे सांसद छात्रों के साथ खड़े'
बीजू जनता दल सुप्रीमो नवीन पटनायक ने कहा कि हिंसक हमले में कई युवा छात्र गंभीर रूप से घायल हैं. हमारी पार्टी बीजू जनता दल के सांसद घायल युवा छात्रों को देखने और उनकी हाल-चाल लेने के लिए हॉस्पिटल गए... मुझे कल सुबह गंभीर मामलों के लिए भुवनेश्वर वापस जाना है. लेकिन हमारे सांसद इस मामले को गंभीरता से उठाएंगे. मुझे यह भी पूछा गया है कि क्या शिक्षा मंत्री प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए... इन हालात में मुझे लगता है कि उन्हें बिना देरी किए हुए इस्तीफा दे देना चाहिए.
'युवाओं को बातचीत का मंच मिले'
इससे पहले 19 जुलाई ( रविवार) को नवीन पटनायक ने कहा था कि राजनीति से हटकर मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि वह कई दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ सही तरीके से बातचीत शुरू करें. युवाओं को अपनी बात रखने के लिए सही समय और सही मंच देना सरकार का काम है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि एक जीवंत लोकतंत्र बातचीत के जरिए ही आगे बढ़ता है, मौन से नहीं. जब देश के लाखों युवाओं के भविष्य की बात हो तो यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है.