ड्राइवर के बेटे ने केबीसी में जीते 50 लाख रुपए, सिविल सेवा में जाने के लिए छोड़ी लाखों की नौकरी
छत्तीसगढ़ के योगेश साहू ने केबीसी -18 में 50 लाख रुपए जीते लेकिन एक करोड़ के सवाल पर उन्होंने गेम क्विट कर दिया. सिविल सेवा में जाने के लिए योगेश ने 1.5 लाख की नौकरी छोड़ दी. पढ़िए योगेश की संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.
भाटापारा- बलौदाबाजार, 21 अगस्त 2026. छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार - भाटापारा जिले के टेहका निवासी 23 वर्षीय योगेश साहू ने टीवी के चर्चित क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति 18 ' (केबीसी -18) में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर पहुंचे योगेश साहू ने 50 लाख रुपए की बड़ी रकम जीत ली. हालांकि, इसके बाद उनके सामने 1 करोड़ रुपए का सवाल आया, लेकिन उन्होंने जोखिम लेने के बजाय गेम को क्विट करना उचित समझा और 50 लाख रुपए लेकर शो से बाहर हो गए.
योगेश की कहानी सिर्फ केबीसी में उनकी जीत तक सीमित नहीं है. आर्थिक चुनौतियों के बीच पढ़ाई पूरी कर उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और संस्थान में टॉपर भी रहे. खास बात यह है कि उन्हें आईआईटी बॉम्बे में दाखिला पहले ही प्रयास में मिला था. अब योगेश का लक्ष्य सिविल प्रशासनिक अधिकारी बनना है और इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने केंपस प्लेसमेंट में प्राप्त करीब 1.5 लाख रुपए की नौकरी तक छोड़ दी.
केबीसी की हॉट सीट तक पहुंचने की कहानी
अमिताभ बच्चन के शो केबीसी 18 के लेटेस्ट एपिसोड में योगेश साहू हॉट सीट पर पहुंचे और शो के दौरान उनकी पढ़ाई, संघर्ष और भविष्य के लक्ष्य को लेकर भी चर्चा हुई. उनकी उपलब्धियों के बारे में जानकर अमिताभ बच्चन भी प्रभावित नजर आए. योगेश ने बताया कि आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और आईआईटी बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में जगह बनाई. योगेश ने इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और केंपस प्लेसमेंट में जब उन्हें 1.5 लाख रुपए महीने की नौकरी मिली तब उन्होंने नौकरी करने के बजाय सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को प्राथमिकता दी.
50 लाख के सवाल ने बढ़ाई मुश्किल
केबीसी में योगेश के सामने 50 लाख रुपए का सवाल आया. इसमें उन्हें एक टेबल में दिए गए शहरों और बरसों के आधार पर सवालिया निशान की जगह सही शहर चुनना था. सवाल मुश्किल था और योगेश ने इस पड़ाव पर अपनी आखिरी लाइफ लाइन 'संकेत सूचक' का इस्तेमाल किया.
हिंट से समझ आया सही जवाब
लाइफ लाइन के दौरान उन्हें संकेत मिला कि सही जवाब तमिलनाडु में स्थित एक शहर है. इसके बाद योगेश ने सवाल में दिए गए बरसों और शहरों के बीच संबंध को समझने की कोशिश की. उन्होंने पहचान लिया कि दिए गए वर्ष नोबेल पुरस्कार से जुड़े हैं और संबंधित शहर नोबेल पुरस्कार विजेताओं के जन्म स्थान है. इसके बाद उन्होंने तिरुचिरापल्ली को अपना जवाब चुना. उनका जवाब सही निकला और योगेश ने 50 लाख रुपए जीत लिए. तिरुचिरापल्ली सीवी रमन का जन्म स्थान है.
एक करोड़ के सवाल पर लिया बड़ा फैसला
50 लाख रुपए जीतने के बाद योगेश के सामने 1 करोड़ रुपए का सवाल रखा गया. इस पड़ाव पर उन्होंने आगे जोखिम नहीं लेने का फैसला किया और गेम क्विट कर दिया. 50 लाख रुपए की राशि लेकर केबीसी से बाहर हो गए. इससे पहले शो के दौरान योगेश ने अमिताभ बच्चन से अपने संघर्ष और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि केबीसी उनकी जिंदगी में सही समय पर आया है. उनका कहना था कि उनके कई दोस्त कमाई कर रहे हैं, जबकि वह अपने घर में आर्थिक योगदान नहीं दे पा रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता ड्राइवर है और केबीसी से मिली रकम परिवार की जिम्मेदारियों को कम करने में मदद करेगी.
पिता है ड्राइवर, परिवार की आर्थिक स्थिति भी चुनौतीपूर्ण है.
योगेश के पिता गयाराम साहू महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस के ड्राइवर हैं. वह हर महीने करीब 20 हजार रुपए कमाते हैं. बताया गया कि इसमें से 11 हजार रुपए खर्च के लिए रखते हैं, जबकि बाकी रकम अपने मालिक के पास बचत के तौर पर जमा करते हैं.
भाटापारा रेलवे स्टेशन पर हुआ योगेश का जोरदार स्वागत
मुंबई से केबीसी में शामिल होने के बाद छत्तीसगढ़ लौटने पर योगेश साहू का भाटापारा रेलवे स्टेशन पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर उनका अभिनंदन किया एवं केबीसी में जीत हासिल करने के लिए योगेश को बधाई दी. केबीसी में योगेश की जीत से उनके परिवार, गांव और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है. केबीसी में 50 लाख रुपए जीतने की योगेश की कहानी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.