आप कुछ दिन दूध - चावल और मछली खाइए, ममता बनर्जी को भरोसा अयोग्य होंगे टीएमसी के बागी सांसद
अभिषेक बनर्जी की पिटीशन पर लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला द्वारा बागी सांसदों को नोटिस दिए जाने के बाद ममता बनर्जी ने बड़ा तंज कसा है. उन्होंने कोलकाता में खुले मंच से बागी सांसदों पर अपने अंदाज में हमला किया और कहा मुझे पहले ही सिग्नल मिल गया था. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-
कोलकाता, 31 अगस्त 2026. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में करारी हार और फिर पार्टी में बगावत के बाद चुप रही टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बागियों पर बड़ा बयान दिया है. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ़ इंडिया में शामिल हुए तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को ऑफीशियली डिसक्वालीफाई होने में बस कुछ ही समय की बात है. उनका यह बयान लोकसभा सेक्रेटेरिएट द्वारा बागी सांसदों को नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की याचिकाओं पर 7 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया था, जिसमें उन्हें एंटी-डिफेक्शन कानून के तहत डिसक्वालीफाई करने की मांग की गई थी.
पहले ही मिल गया था सिग्नल
टीएमसी की स्टूडेंट विंग तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस के मौके पर कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हमें पहले ही सिग्नल मिल गया है. अब बस समय की बात है. इस बीच, आप ( बागी एमपी) कुछ दिनों तक दूध - चावल और मछली खाइए. ममता की पार्टी के साथ- साथ बागी टीएमसी गुट ने भी टीएमसीपी की स्थापना दिवस पर मैयो रोड पर एक रैली करने के लिए आवेदन किया था. कोलकाता हाई कोर्ट ने ममता गुट को रानी रश्मोनी रोड पर रैली करने का निर्देश दिया.
पीएमसी के 20 बाकी सांसद कौन?
● सुदीप बंदोपाध्याय, काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, सैयोनी घोष और यूसुफ पठान जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इन सांसदों ने जून 2026 में ममता बनर्जी की पार्टी से बगावत कर 'नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ़ इंडिया' में विलय करने और एनडीए को समर्थन देने का दावा किया था. टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बागियों को 'गद्दार ' कहते हुए वापस नहीं लेने का ऐलान किया है.
बागी गुट में शामिल 20 सांसद हैं - सुदीप बंदोपाध्याय, काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, सैयोनी घोष, यूसुफ पठान, प्रसून बनर्जी, रचना बनर्जी, जगदीश चंद्र वर्मा, पार्थ भौमिक, अरुप चक्रवर्ती, दीपक अधिकारी, वापी हालदार, मोहम्मद ताहिर खान, कालीपद सोरेन (खैरवाल), असित कुमार माल, जून मालिया, मिताली बाग, खलीलुर रहमान, माला रॉय और शर्मिला सरकार.
ओम बिरला ने नोटिस देकर मांगा जवाब
अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को 20 बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग के साथ 20 याचिकाएं सौंपी थी. दरअसल, उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद टीएमसी में टूट के बाद शिंदे के साथ गए थे. उन्हें स्पीकर ने विलय की मंजूरी दे दी लेकिन टीएमसी सांसदों का अब तक एनसीपीआई में विलय नहीं हुआ है. इसने सभी बागी सांसदों की धड़कनें बढ़ा रखी है. अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट भी सुनवाई के लिए तैयार हो गया है.
बागियों के मुद्दे पर टीएमसी नेता संसद बाबुल सुप्रियो ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जो लोग अभी दूसरी जगह भटक रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि उन्होंने इन्हीं लोगों के दम पर अपनी जगह बनाई है. अगर उन्हें कोई शिकायत थी, तो उन्हें अपनी पोस्ट से इस्तीफा दे देना चाहिए था, इन लोगों से दूर हो जाना चाहिए था, और किसी दूसरी सीट से चुनाव जीतना चाहिए था.