• लोक सेवा गारंटी अधिनियम में पेंशन को शामिल करना स्वागत योग्य, सख्ती से हो क्रियान्वयन: नामदेव

    रायपुर, 22 जून 2026। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011’ के अंतर्गत पेंशन सहित 14 महत्वपूर्ण वित्तीय सेवाओं को अधिसूचित कर उनके लिए समय-सीमा निर्धारित किए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही तथा पेंशनर्स को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    नामदेव ने कहा कि लंबे समय से पेंशनर्स को पेंशन स्वीकृति, संशोधन, पारिवारिक पेंशन, बकाया भुगतान तथा अन्य वित्तीय मामलों में अनावश्यक विलंब और कार्यालयीन प्रक्रियाओं की जटिलताओं का सामना करना पड़ता रहा है। अब सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा तय होने से पेंशनर्स को राहत मिलने की उम्मीद जगी है तथा सरकारी कार्यालयों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।

    उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास तभी सार्थक सिद्ध होगा जब इसका ईमानदारी और कठोरता से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। केवल अधिसूचना जारी कर देने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। यदि किसी स्तर पर पेंशनर्स के प्रकरणों को जानबूझकर लंबित रखा जाता है या अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न की जाती हैं, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ ने विश्वास व्यक्त किया है कि राज्य सरकार इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कर पेंशनर्स को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने में सफल होगी। इस संबंध में महासंघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जेपी मिश्रा, महामंत्री द्वय अनिल गोल्हानी एवं प्रवीण कुमार त्रिवेदी, संगठन मंत्री द्वय टी पी सिंह एवं अरुण तिवारी, कोषाध्यक्ष बीएस दसमेर, कार्यालय मंत्री अनिल पाठक, संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र सिन्हा, रायपुर जिला अध्यक्ष आरजी बोहरे तथा जिला सचिव ओडी शर्मा ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की है।