गोबर और जैविक खाद का अधिकाधिक उपयोग करें: डॉ. रमन सिंह
राजनांदगांव, 16 जून 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 15 जून को राजनांदगांव जिले के आदर्श ग्राम सुरगी में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला और कृषक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों कार्यक्रमों का आयोजन कृषि विभाग के साथ सुरगी स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केन्द्र और कृषि महाविद्यालय, सुरगी द्वारा किया गया था। सुरगी पहुँचने पर डॉ. रमन सिंह का स्थानीय जनता और जन प्रतिनिधियों सहित किसानों ने भी गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने सुरगी के नये बस स्टैंण्ड चौक में पूजा -अर्चना के साथ एक नये एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला और कृषक सम्मेलन में डॉ. रमन सिंह ने क्षेत्र के उन्नत किसानों और खेती -किसानी के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही महिलाओं को भी सम्मानित किया।
कृषक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए डॉ. सिंह ने सुरगी क्षेत्र के किसानों की प्रशंसा की और खेती -किसानी के क्षेत्र में उनके कार्यों को प्रदेश के लिए मॉडल बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सुरगी में संचालित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि महाविद्यालय इस क्षेत्र के लिए और राजनांदगांव जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। दोनों संस्थाएं राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुकी हैं। विद्यार्थियों को इन संस्थाओं का बहुत लाभ मिल रहा है। डॉ. सिंह ने कहा कि यहाँ कृषि के क्षेत्र में हो रहे नये प्रयोगों (नवाचारों ) का फायदा इस क्षेत्र के किसानों को मिलेगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के हित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। वर्तमान में यूरिया की बाजार कीमत लगभग 2,220 रुपए प्रति क्विंटल है, किंतु केंद्र सरकार की सब्सिडी नीति के कारण किसानों को यह मात्र 266 रुपए में उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ते हुए गोबर खाद एवं जैविक खाद का अधिकाधिक उपयोग करना चाहिए।
डॉ. सिंह ने बताया कि सुरगी उनका गोद ग्राम है, जहां निरंतर विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सुरगी-खरखरा सिंचाई डायवर्सन नहर लाईनिंग का 19 करोड़ रुपए का कार्य 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। वहीं शिवनाथ डायवर्सन से जुड़ी मुख्य नहर एवं लघु नहरों का कार्य लगभग 27 करोड़ रुपए की लागत से कराया जा रहा है, जिसका 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया।