• PM मोदी ने शासन को सत्ता का साधन नहीं बल्कि सेवा का माध्यम बनाया: चंद्रशेखर साहू

    रायपुर, 16 जून 2026। मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने इसे सेवा और सुशासन का स्वर्ण युग बताया और कहा की नरेंद्र मोदी ज़ी भारत  के प्रधानमंत्री के रूप में 4399 दिन का आकड़ा पार कर चुके है आज, जब उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं, यह न केवल उपलब्धियों को याद करने का अवसर है, बल्कि उस व्यापक परिवर्तन का आकलन करने का भी अवसर है जिसने भारत को एक आत्मविश्वासी, सक्षम और आत्मनिर्भर देश के रूप में दुनिया के अग्रणी देशों में स्थान दिलाने में मदद की है। 

    पूर्व मंत्री साहू ने कहा कि इस अवधि में कल्याणकारी कार्यों, सुधारों, विकास और नवप्रवर्तित राष्ट्रीय आत्मविश्वास के माध्यम से भारत का स्वरूप बदल गया है। किसी राष्ट्र का इतिहास केवल वर्षों, सरकारों और घटनाओं से ही नहीं, बल्कि उन निर्णायक कालखंडों से भी आकार लेता है जो किसी राष्ट्र की चेतना, आत्मविश्वास और भविष्य की दिशा को नया रूप देते हैं। ऐसे कुछ कालखंड समय के सामान्य प्रवाह से ऊपर उठकर युगांतरकारी परिवर्तन के प्रतीक बन जाते हैं। भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में, 2014 से शुरू हुआ कालखंड इतिहास में ऐसे ही एक परिवर्तनकारी युग के रूप में दर्ज हो चुका है।

    यह महज शासन व्यवस्था में बदलाव का दौर नहीं है, बल्कि भारत के आत्मविश्वास के पुनरुत्थान, राष्ट्रीय गौरव की बहाली, सुशासन की स्थापना और विकसित भारत के संकल्प को जन आंदोलन में परिवर्तित करने की यात्रा है। यह उस भारत की कहानी है जिसने अपनी सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए आधुनिकता को अपनाया, चुनौतियों को अवसरों में परिवर्तित किया और वैश्विक मंच पर अपनी क्षमताओं का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरी दुनिया ने भारत को एक नए नजरिए से देखना शुरू कर दिया।

    जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में देश का नेतृत्व संभाला, तब अपार संभावनाओं के बावजूद भारत कई चुनौतियों से जूझ रहा था। जनता व्यवस्था में बदलाव, शासन में पारदर्शिता और ऐसे नेतृत्व की अपेक्षा रखती थी जो न केवल सरकार चला सके बल्कि देश को एक नई दिशा भी दे सके। प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल इन अपेक्षाओं को समझा बल्कि उन्हें एक राष्ट्रीय संकल्प में बदल दिया।

    'सबका साथ सबका विकास' का नारा - प्रधानमंत्री मोदी ने शासन को सत्ता का साधन नहीं बल्कि सेवा का माध्यम बनाया है। उन्होंने देश को जो मंत्र दिया था — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — वह आज भारत के विकास पथ की नींव बन गया है। उनके नेतृत्व में गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों और समाज के वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा में लाया गया है। आज सरकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक सीधे पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास की एक नई संस्कृति का निर्माण हो रहा है।