गीत चाँदनी की कवि गोष्ठी में भाईचारे और राष्ट्र- प्रेम का संदेश, कवि - कवयित्रियां सम्मानित
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-
हैदराबाद, 1 सितंबर 2026. यहां की लोकप्रिय काव्य संस्था गीत चाँदनी के तत्वाधान में रक्षाबंधन के पवित्र दिवस पर बेगम बाजार स्थित साधना आश्रम परिसर में एक शानदार कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया. साधना आश्रम के अध्यक्ष डॉ. करतार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित काव्य संध्या में कवियों ने सामाजिक सद्भाव, राष्ट्र प्रेम एवं समसामयिक परिस्थितियों पर भावपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.
दरअसल, यह आयोजन निर्मल कुमार विश्वबंधु, ब्रह्मलीन योगानंद महाराज एवं स्वामी आनंदपुरी महाराज की स्मृति को समर्पित था. इस संदर्भ में गीत चाँदनी के कार्यदर्शी, कवि गोविंद अक्षय ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य तौर पर साधना आश्रम के पदाधिकारी लॉयन के. वी. श्रीनिवास व आश्रम के उपाध्यक्ष तथा बीडीएल से सेवा निवृत्त डीजीएम जे. धरम सिंह ने अतिथियों एवं कवियों का अभिनंदन किया और रक्षाबंधन के सांस्कृतिक व पारिवारिक महत्व पर प्रकाश डाला.
इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, आंध्र प्रदेश के सहायक महाप्रबंधक विनय कुमार सिंह ने कवियों की रचनात्मक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कवि अपनी लेखनी के माध्यम से समाज और राष्ट्र को निरंतर दिशा एवं प्रेरणा प्रदान करते हैं. कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री आशा ठाकुर ने सरस्वती वंदना से किया. काव्य पाठ करने वालों में डॉ. प्रेमलता श्रीवास्तव, कवि गोविंद अक्षय, अंजनी कुमार गोयल, राजकुमार यादव, ममता मिश्रा, अशोक दोशी, संतोष कुमार मिश्रा' माधुर्य ', निधि झा, जितेंद्र कुमार' चंचल ', सत्यनारायण काकड़ा, एसके जैन ' लौंगपुरी ' समेत अनेक कवि - कवयित्रियां प्रमुख थे.
इस दौरान विश्वनाथ पेंढारकर, नरसिंह प्रताप सिंह चौहान, रविंद्र यादव, प्रियंका चौहान एवं जयराम विवेकानंद राजू सहित साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान सभी कवि - कवियित्रियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया. इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रसिद्ध कवयित्री विद्या दवे श्री माली ने रक्षाबंधन को भावनात्मक जुड़ाव और पारस्परिक जिम्मेदारी का पर्व बताया. इस अवसर पर कवयित्रियों ने मौजूद कवियों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी एवं मंगल की कामना की. अंत में डॉ. प्रेमलता श्रीवास्तव के धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ.