• मॉनसून देगा झटका : दिल्ली-- यूपी -- बिहार और राजस्थान में कम होगी बारिश, फसलों पर पड़ेगा सीधा असर

    मॉनसून की गति धीमी है, जिससे अगले दो हफ्तों में मध्य और उत्तरी इलाकों में औसत से कम बारिश होने का अनुमान है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:- 

    नई दिल्ली, 17 जून 2026. देश में मॉनसून की रफ्तार धीमी चल रही है. मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगले दो हफ्तों में भारत में, खासकर मध्य और उत्तरी इलाकों में औसत से कम बारिश होने की उम्मीद है. मानसून के धीमी गति से चलने के कारण है, पश्चिमी विछोभ यानी कि ' वेस्टर्न डिस्टस्टर्वेन्स ' जून से सितंबर तक चलने वाला मॉनसून आमतौर 1 जून के आसपास दक्षिणी राज्य केरल में दस्तक देता है और जुलाई के मध्य तक पूरे देश में फैल जाता है, लेकिन इस साल केरल में मॉनसून के आने में तीन से चार दिन की देरी हुई.

    क्यों धीमा चल रहा मॉनसून 

    वेस्टर्न डिस्टर्वेन्स ने वार्षिक मॉनसून की रफ्तार धीमी कर दी है. वेस्टर्न डिस्टर्वेन्स भूमध्य सागर से आने वाली मौसमी घटनाएं हैं जो उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी लाती है. हालांकि, कभी-कभी  मॉनसून 
    के बढ़ने में बाधा भी डालती है. देश की सालाना वारिश का लगभग 70% हिस्सा मॉनसून से ही मिलता है और यह अहम जल स्रोतों को फिर से भरता है एवं भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग आधी खेती वाली जमीन पर सिंचाई की सुविधा नहीं है. जबकि आधी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती पर ही निर्भर हैं. 1 जून के पहले 10 दिनों में भारत में सामान्य से  26.5% कम बारिश हुई. मौसम विभाग ने पिछले महीने यह अनुमान लगाया था कि 4 महीने के मॉनसून सीजन के दौरान लोंग पीरियड एवरेज (एलपीए ) का 90% बारिश होने की संभावना है, जबकि अल नीनो के असर से जून में  एलपीए का 92% बारिश होने की उम्मीद है.

    धीमे मॉनसून सिर्फ फसलों पर असर

    मध्य और उत्तरी राज्यों में कम बारिश से  चावल, कपास, सोयाबीन और दलहन जैसी गर्मियों की फसलों की बुवाई में देरी हो सकती है. भारत मौसम  विज्ञान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'वेस्टर्न डिस्टर्वेन्स' ने मॉनसून की रफ्तार धीमी कर दी है और इसे मध्य में पहुंचने में कुछ और दिन लग सकते हैं. अधिकारी ने बताया कि मॉनसून अब तक केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की अधिकतर हिस्सों के साथ-साथ कर्नाटक और दक्षिणी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पहुंच चुका है, जहां अगले 7 दिनों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है. हालांकि, अधिकारी ने कहा कि मध्य और उत्तरी इलाकों में  इस दौरान सामान्य से काफी कम बारिश होने की संभावना है. वहीं, जून के आखिरी हफ्ते में मॉनसून के जोर पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है.