चमकते सोने के बिस्कुट... गैर कानूनी संपत्ति के ढ़ेर, आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंजीनियर- इन चीफ गिरफ्तार
एंटी करप्शन ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति मामले में एक शासकीय इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट में पेश होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट:-
हैदराबाद/ निजामाबाद, 17 जून 2026. तेलंगाना में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो ( एसीबी) ने रोड्स एंड बिल्डिंग्स (आर एंड बी ) विभागीय इंजीनियर - इन चीफ मोहन नाइक के कई ठिकानों पर छापेमारी की. नाइक पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप है. देखा जाए तो, तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो के इतिहास की सबसे 'महंगी ' व्हेल पकड़ी गई है.
तेलंगाना एंटीकरप्शन ब्यूरो (एसीबी ) की टीम ने बीते दिनों मोहन नाइक के 16 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली. इस दौरान एसीबी ने इंजीनियर नाइक के भ्रष्टाचार का पूरा खुलासा किया. एंटी करप्शन ब्यूरो ने 17.94 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति पता करने के बाद मोहन नाइक को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, खुले बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 150 करोड़ रुपए से अधिक होगी.
जब्त की गई संपत्ति
निजामाबाद जिले के मुलंगी में 19 एकड़ 38 गुंटा खेती की जमीन, जिसकी कीमत 82.89 लाख रुपए हैं. वहीं, हैदराबाद के गचीबोवली में 4 फ्लैट्स, कोम्पल्ली में 3 फ्लैट्स के बारे में पता चला है. रजिस्ट्रेशन वैल्यू के हिसाब से इनकी कीमत 7.34 करोड़ रुपए आंकी गई है. एसीबी की छापेमारी में पता चला है कि, इंजीनियर मोहन नाइक के पास मियांपुर में 2.5 करोड़ रुपए का ट्रिप्लेक्स विला भी है. इतना ही नहीं कुकटपल्ली में हाल ही में बना घर, जिसकी कीमत 62.14 लाख रुपए है.
जांच में मालूम पड़ा है कि, मोहन नाइक ने निजामाबाद में बन रहे विला के लिए करोड रुपए एडवांस में दिए थे. छापेमारी के दौरान एसीबी टीम को लगभग 60 विदेशी और देसी शराब की बोतलें बरामद हुई. इसके बारे में आबकारी अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है. इस संदर्भ में एसीबी के संयुक्त निदेशक प्रवीण कुमार ने बताया कि, एंटी करप्शन डिपार्टमेंट की टीमों ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों पर मोहन नाइक के घर और दफ्तर मे तलाशी ली. टीम ने हैदराबाद के साथ-साथ निजामाबाद में भी जांच की है.
खबर है कि इस दौरान कैश, सोना और सोने के बिस्किट जब्त किए और प्रॉपर्टी के कागजात की भी पड़ताल की. उन्होंने कहा कि, इंजीनियर मोहन नाइक को गिरफ्तारी करके कोर्ट में पेश किया गया. जहां से कोर्ट ने उन्हें 14 दोनों के रिमांड पर जेल भेज दिया है. आरोपी इंजीनियर फिलहाल हैदराबाद के चेरलापल्ली जेल में बंद है. सूत्र बताते हैं कि निजामाबाद जिले के डिचपल्ली मंडल में मुलगी पंचायत कुलसपुर थांडा के रहने वाले मोहन नाइक 29 साल पहले शासकीय सेवा शुरू की थी. इस दौरान वे रोड्स और बिल्डिंग्स विभाग में हम पदों पर रहे. यहां के नालगोंडा और निजामाबाद में सीनियर इंजीनियर के तौर पर काम करने के अलावा, उन्होंने हैदराबाद रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में भी पद संभाले.
बीते वर्ष अगस्त में सीईओ बनने के बाद, उन्हें तेलंगाना रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन का एमडी बनाया गया. एक महीने बाद, वह इंजीनियर-- इन चीफ के तौर पर सबसे ऊंचे पद पर पहुंच गए. इस प्रक्रिया में करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स में शेयर लेने में उनके शामिल होने की बात कही जा रही है. दूसरी ओर आरोप है कि मोहन नाइक ने बड़े ठेकेदारों से कमीशन के रूप में गवन के पैसे बांटने में अहम भूमिका भी निभाई.