प्रेम विवाह की सजा: कोरिया में 5 माह की गर्भवती विवाहिता को घर से उठाकर ले गए, दुष्कर्म किया और अबॉर्शन..
कोरिया में समाज के ठेकेदारों ने एक गर्भवती नवविवाहिता को जबरन घर से उठाकर ले गए और दूसरे जाति में विवाह की है कहकर उसके साथ बलात्कार किया तथा उसका गर्भपात कराने की कोशिश की।
कोरिया, 22 जुलाई 2026। पीड़िता के पति ने बताया कि दोनों ने कोर्ट मैरिज की थी और विवाह के बाद उसकी पत्नी उसके साथ रह रही थी. लेकिन 4 जुलाई को पत्नी के घर वाले और कुछ लोग जबरन उनके घर पहुंचे और उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए. बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया गया. पति का कहना है कि उसकी पत्नी गर्भवती है. आरोपियों ने गर्भपात कराने की नीयत से उसे जबरन दवा खिलाने की भी कोशिश की.
गर्भवती महिला के पति का आरोप
पीड़ित पति ने बताया कि 4 जुलाई को दो लोग अपने साथियों के साथ घर पहुंचे. इस दौरान वह घर पर नहीं था. घर में उसकी मां, छोटा भाई और उसकी पत्नी थी. इस दौरान आरोपी उसकी पत्नी को मारते पीटते हुए कई गांवों से होते हुए अपने घर ले गए. वहां पत्नी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. फिर जब उन्हें पता चला कि वह गर्भवती है तो उसे मेडिकल दुकान ले गए और गर्भपात कराने के लिए जबरदस्ती दवा खिलाने की कोशिश की. वहां से लाते समय भी पत्नी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.
पति और सास ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की
पीड़ित की सास ने बताया कि हम सोकर भी नहीं उठे थे, और कई लोग घर में घुस गए. बहू के घरवालों ने उसके साथ मारपीट की और अपने साथ लेकर चले गए. पीड़िता की सास ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि परिवार लगातार न्याय की लड़ाई लड़ रहा है और दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.
घटना के बाद पीड़ित पति ने पहले 5 जुलाई को घर से उठा ले जाने और फिर 10 जुलाई को दुष्कर्म और गर्भपात के प्रयास की शिकायत सिटी कोतवाली बैकुंठपुर की. दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में अपहरण, दुष्कर्म और गर्भपात कराने के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की.
कोरिया पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
कोरिया पुलिस ने लगभग 14 दिन बाद मामले में कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. कोरिया पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने बताया कि बैकुंठपुर थाना क्षेत्र का मामला है. 5 जुलाई और 10 जुलाई को सिटी कोतवाली बैकुंठपुर में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. पीड़िता के साथ दो लोगों ने दुष्कर्म किया और गर्भपात की दवाई खिलाई. बैकुंठपुर थाने में अलग अलग बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया. दोनों आरोपियों को 19 जुलाई को सूरजपुर जिले के चांदनी विहारपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है.
इधर, पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस घटना ने पूरे परिवार को मानसिक रूप से झकझोर दिया है. उनका आरोप है कि महिला के साथ न केवल गंभीर अपराध किया गया बल्कि उसके गर्भस्थ शिशु की जान को भी खतरे में डालने का प्रयास किया गया. परिजनों का आरोप है कि पुलिस 18 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी, हाथ में हाथ धरे बैठी थी। वह भी समाज के ठेकेदारों के साथ मिली हुई है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन और न्यायालय से मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित सुनवाई कर दोषियों को कठोर दंड दिलाने की मांग की है.