• संत कबीर के दोहे आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक:  छन्नी साहू

    छुरिया, 1 जुलाई 2026। परिक्षेत्र साहू संघ छुरिया ने राजनांदगांव जिले के तहसील मुख्यालय छुरिया में परसों 29 जून सोमवार को संत कबीर जयंती पर समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर काव्य गोष्ठी भी हुई और अंचल के अनेक साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।  समारोह की शुरुआत संत कबीर और भक्त शिरोमणि कर्मा माता की पूजा -आरती के साथ हुई।  

    धर्मशाला भवन में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व विधायक छन्नी साहू ने कहा कि संत कबीर एक महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने तत्कालीन समाज में व्याप्त आडंबरों और कुरीतियों पर अपनी काव्य रचनाओं के माध्यम से जम कर प्रहार किया और समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके दोहे और क्रांतिकारी विचार आज के दौर में भी बहुत  प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं। छन्नी साहू ने कहा कि संत कबीर जयंती पर परिक्षेत्रीय साहू संघ छुरिया द्वारा ने जिस प्रकार आंचलिक साहित्यकारों को आमंत्रित कर  उनकी रचनाओं से सामाजिक जनों को लाभान्वित किया जा रहा है, वह काबिले तारीफ है।

    समारोह में विशिष्ठ अतिथि के रूप में एम. एल. सोनबोईर (सेवानिवृत्त सीईओ) शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज के विकास के लिए अनुशासन, एकता और  वरिष्ठ तथा अनुभवी जनों की सलाह अनिवार्य है। अध्यक्षता करते हुए परिक्षेत्र साहू संघ छुरिया के अध्यक्ष उमेश दास साहू ने स्वागत भाषण भी दिया।  उन्होंने स्वागत भाषण में कहा कि समाज के गौरव हमारे बच्चे हैं, जिनके सर्वांगीण विकास के लिए हमें उनकी  शिक्षा पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। 

    समारोह में पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा (छुरिया) से जुड़े कवियों ने संत कबीर साहेब  की जीवनी, उनके दोहों और उलटबासियों का उल्लेख किया और उनके महत्व पर प्रकाश डाला।  इस अवसर पर सामाजिक विकास नशा मुक्ति,  वर्षा ऋतु, पर्यावरण और शिक्षा के महत्व पर उपस्थित कवियों ने काव्य पाठ किया,जिसे सामाजिक बंधुओं ने काफी सराहा। 

    साकेत साहित्य परिषद सुरगी के अध्यक्ष एवं पुरवाही साहित्य समिति, पाटेकोहरा (छुरिया ) के संयोजक ओमप्रकाश साहू अंकुर, साकेत साहित्य परिषद सुरगी के पूर्व अध्यक्ष लखन लाल साहू लहर, पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा (छुरिया) के अध्यक्ष ग्वाला प्रसाद यादव नटखट, पुरवाही के सचिव हेमलाल सहारे, कवि- छंदकार राम कुमार चंद्रवंशी,  सुमधुर गीतकार एवं कवि कोमल सिंह गुरू, सुमधुर गीतकार अमृत दास साहू, वरिष्ठ कवि दिनेश कुरेटी दिलेर, वरिष्ठ गीतकार अलख राम यादव, मोतीराम भालेन्द्र, लुकेश साहू ने अपने प्रेरक विचार एवं प्रभावी कविता पाठ के माध्यम से उपस्थित जन समुदाय को आनंदित कर दिया।

    कवियों ने समाज में व्याप्त दिखावा, नेताओं के झूठ वादों, भ्रष्टाचार, मंहगाई , शराबखोरी जैसी बुराइयों पर जम कर कटाक्ष किए तो दूसरी तरफ विभिन्न विषयों को हास्य रूप में प्रस्तुत कर लोगों को हँसने पर मजबूर कर दिया।  माता पिता और  बेटियों के सम्मान में भी कविताएँ पढ़ी गईं। समाज के पदाधिकारियों ने सभी साहित्यकारों को  अंगवस्त्र और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया ।