स्कूल के बाहर छात्र की हत्या, मोटा कहने पर 11 वीं के छात्र ने दूसरे छात्र को मारा चाकू, एक की गई जान, दूसरा गंभीर..
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा में मामूली बात पर स्कूल के बाहर छात्रों के बीच चाकूबाजी हो गई. इस घटना में एक नाबालिक छात्र की मौके पर ही जान चली गई, जबकि दूसरा छात्र गंभीर है, जिसका उपचार जारी है. दोनों छात्र दोस्त थे और एक ही गांव के थे. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की सनसनीखेज रिपोर्ट:-
रायपुर, 19 जून 2026. छत्तीसगढ़ के रायपुर में मामूली बात पर स्कूल के बाहर दो छात्र आपस में भिड़ गए. इस दौरान एक छात्र ने घर से लाए चाकू से साथी छात्र पर वार कर दिया. वहीं, दूसरे छात्र ने भी खुद का बचाव करते हुए छात्र के हाथ से चाकू छीनकर उसके ऊपर भी ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इस सनसनीखेज वारदात में चाकूबाजी शुरू करने वाले छात्र की जान चली गई, जबकि दूसरा छात्र गंभीर है, जिसका उपचार अस्पताल में जारी है.
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला तिल्दा पुलिस इलाके के सासाहोली गांव के सरस्वती शिशु मंदिर का है. एक ही स्कूल में पढ़ने वाले दो छात्रों के बीच चाकूबाजी हो गई. पूछताछ में पता चला कि एक छात्र ने साथी छात्र को मोटा कहकर मजाक उड़ाया था. इस बात से छात्र रंजिश रखता था. शुक्रवार को दोनों छात्र स्कूल पहुंचे और छुट्टी होने के बाद एक दूसरे से गाली - गलौज करने लगे. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि एक छात्र ने घर से लाए चाकू से दूसरे छात्र पर वार कर दिया. दूसरे छात्र ने भी अपना बचाव करते हुए चाकू छीनकर उसने भी ताबड़तोड़ हमला कर दिया. दूसरे छात्र ने अमन यदु के गला और सीने में चाकू से जोरदार वार किया। जिससे अमन यदु वहीं ढ़ेर हो गया।
इस घटना में एक छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. जबकि दूसरा छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस बीच, घटना की खबर पाकर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृतक छात्र का नाम अमन यदू (16 वर्ष ) है. वहीं, आरोपी छात्र (15 वर्ष ) को अस्पताल उपचार के लिए भर्ती कराया गया है.
बताया जा रहा है कि मृतक छात्र ने घर से सब्जी काटने वाला चाकू लाया था. फिलहाल, सरस्वती शिशु मंदिर के बाहर हुई चाकूबाजी की घटना के बाद से पूरे इलाके में डर और दहशत का माहौल है. जबकि इस घटना के बाद से विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र डरे और सहमे हुए हैं. पुलिस अब इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. आगे की करवाई की जा रही है.
हिंसक क्यों हो रहे किशोर?
इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक छात्र के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किशोर उम्र के बच्चे इतनी छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता क्यों चुन रहे हैं? स्कूलों में बढ़ती आक्रामकता और युवाओं में हिंसक मानसिकता अब समाज और अभिभावकों दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। जबकि छात्र शिक्षा और संस्कार दोनों देने वाले सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ रहे थे।