'कोई माई का लाल नहीं जो खत्म कर दे,' आरक्षण मुद्दे पर बोले तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर जीतन राम मांझी और चिराग पासवान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हुई आरक्षण खत्म नहीं कर सकता और इसे गरीबों, पिछड़ों और दलितों का हक बताया. समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट:-
पटना, 2 सितंबर 2026. बिहार में आरक्षण की समीक्षा को लेकर सियासत तेज हो गई है. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी और लोजपा (रामविलास ) के प्रमुख चिराग पासवान द्वारा आरक्षण में संशोधन और बंटवारे की मांग के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है. अब इस मुद्दे पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कोई माई का लाल पैदा नहीं लिया है जो आरक्षण को खत्म कर दे.
तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दोनों के अलावा जेडीयू और उपेंद्र कुशवाहा जो बीजेपी आरक्षण को खत्म करना चाहती है, उसके साथ खड़े हैं. तेजस्वी यादव ने दोनों नेताओं को चुनौती भी दी. राजद नेता ने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी को चुनौती देते हुए कहा कि यह लोग सत्ता की मलाई खा रहे हैं. हिम्मत है तो इस्तीफा देकर जनरल सीट से चुनाव लड़ें. तेजस्वी यादव ने कहा कि 2015 में मोहन भागवत ने आरक्षण की समीक्षा की बात कही थी. लेकिन बिहार के लोगों ने कान पकड़कर उन लोगों को सबक सिखा दिया था. अब फिर से वही कोशिश हो रही है लेकिन बिहार की जनता सब जानती है और इसका जवाब देगी.
बिहार में इन - दिनों आरक्षण की समीक्षा और उसमें संशोधन को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. जीतन राम मांझी लगातार कह रहे हैं कि आरक्षण में संशोधन होना चाहिए और दलितों में भी जो सबसे गरीब हैं उन्हें अलग से आरक्षण मिलना चाहिए. जबकि चिराग पासवान भी आरक्षण में क्रीमी लेयर की बात कह चुके हैं. इसके बाद से ही राजद और विपक्ष लगातार हमलावर हैं. इस कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में मीडिया से बात करते हुए बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि बिहार में आरक्षण को लेकर जो लोग समीक्षा की बात कर रहे हैं वे बीजेपी की भाषा बोल रहे हैं. बीजेपी शुरू से ही आरक्षण खत्म करना चाहती है. लेकिन कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ है जो आरक्षण को खत्म कर दे.
आरक्षण बाबा साहेब अंबेडकर ने दिया है. यह गरीबों, पिछडों और दलितों का हक है. इसे कोई खत्म नहीं कर सकता. जो लोग आरक्षण की समीक्षा की बात कर रहे हैं वह गरीब विरोधी है.' तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा,' चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दोनों सत्ता में है. केंद्र में मंत्री हैं और बिहार सरकार में भी शामिल हैं. ये लोग सत्ता की मलाई खा रहे हैं और गरीबों के हक पर चोट कर रहे हैं. इनमें हिम्मत है तो इस्तीफा देकर जनरल सीट से चुनाव लड़ें. चिराग पासवान खुद आरक्षित सीट से चुनाव लड़ते हैं और जीतते हैं. हाजीपुर सुरक्षित सीट है. वहां से वह सांसद हैं.
जीतन राम मांझी भी सुरक्षित सीट से ही राजनीति करते आए हैं. अगर आरक्षण में इतनी खामी है तो यह लोग जनरल सीट से चुनाव क्यों नहीं लड़ते? सिर्फ बयानबाजी से कुछ नहीं होगा. यह लोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं.
तेजस्वी यादव ने याद दिलाया 2015 का चुनाव
उन्होंने 2015 के विधानसभा चुनाव का जिक्र किया और कहा, 2015 में मोहन भागवत ने आरक्षण की समीक्षा की बात कही थी. लेकिन बिहार के लोगों ने कान पकड़कर उन लोगों को सबक सिखा दिया था.
महागठबंधन की बड़ी जीत हुई थी और बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था. बिहार के लोगों ने बता दिया था कि आरक्षण के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दरअसल, बिहार सामाजिक न्याय की धरती है. यहां से ही कर्पूरी ठाकुर और लालू यादव ने सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी है. यहां आरक्षण के साथ कोई समझौता नहीं होगा. जो भी आरक्षण खत्म करने की कोशिश करेगा, बिहार की जनता उसे सबक सिखाएगी.
इस बीच, तेजस्वी यादव के बयान के बाद एनडीए में भी हलचल तेज हो गई है. जीतन राम मांझी और चिराग पासवान लगातार आरक्षण में संशोधन की मांग कर रहे हैं जबकि जेडीयू ने इस पर चुप्पी साध रखी है. जबकि बीजेपी ने भी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है लेकिन तेजस्वी यादव के हमले के बाद अब इस मुद्दे पर बिहार की सियासत और गरमानें की संभावना है. उधर, राजद ने साफ कर दिया है कि वह आरक्षण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा और सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगा.