• खारुन पुल से आवाजाही शुरू, बस्तर में हालात बेकाबू, CM आज सुकमा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे

    रायपुर, 28 सितंबर 2026। गुरुवार-शुक्रवार की तेज बारिश का असर अभी भी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में देखा जा रहा है। सुकमा और दंतेवाड़ा में हालात काफी खराब है। कई गांवों में अभी भी पानी भरा हुआ है। हेलीकॉप्टर से लोगों को रेस्क्यू किया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन का राहत और बचाव कार्य जोरों पर है। अब तक 16074 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे उसके पश्चात जगदलपुर में एक बैठक भी लेंगे। 

    राजधानी के महादेव घाट स्थित खारुन नदी का जलस्तर थोड़ा नीचे उतरा है। अब रायपुरा- अमलेश्वर आवाजाही प्रारंभ हो गया है। लेकिन अभी भी नदी में बहाव तेज है जिसके चलते नदी किनारे के गांवों में पानी भरा हुआ है। गंगरेल से 14 गेट खोलने के कारण राजिम- नवापारा समेत जांजगीर जिले के कई गांवों में पानी भर गया है। शिवरीनारायण पुल पर अभी भी तीन फीट ऊपर से पानी बह रहा है। नवापारा में निचले इलाकों में 10-10 फ़ीट पानी भरा है। वहां हालात बहुत बिगड़े हैं। लोगों का एक मंजिला मकान पूरी तरह पानी में डूब गया है।

    नवापारा के रहवासी शिक्षक डीहु साहू ने बताया कि शुक्रवार की रात 11 बजे अचानक पूरे इलाके में पानी भर गया। अचानक घरों में कई फ़ीट पानी भर गया। सब कुछ छोड़कर जान बचाने के लिए छत पर चढ़ गए। मकान के अंदर का गृहस्थी का सारा सामान पानी में डूब गया। किसी चीज को निकालने का मौका ही नहीं मिला। उनकी कॉलोनी महानदी से एक किलोमीटर की दूरी पर है। देखते ही देखते पूरे इलाके में 10 फीट तक पानी भर गया। दूसरे दिन वहां गलियों में नाव चलने लगा। शनिवार को प्रशासन ने सबका रेस्क्यू  कर सुरक्षित स्थान में पहुंचाया। राजिम का प्रसिद्ध कुलेश्वर महादेव मंदिर की पानी में डूब गया था।

    ऊपर इलाकों में तेज बारिश होने के कारण पैरी और सोंढूर नदी भी उफान पर है। गरियाबंद के कई गांवों में अभी भी पानी भरा हुआ है। उन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूटा हुआ है। महानदी में पानी बढ़ने के कारण रायगढ़ जिले के कुछ और ब्लॉक के 12 गांव प्रभावित हुए हैं। रायगढ़ के प्रसिद्ध पोथरा गांव मंदिर भी जलमग्न हो गया है। वही बेमेतरा जिले में एक युवक खेत में बने मकान में फंस गया था। चारों तरफ पानी ही पानी था। शनिवार की रात तहसीलदार की अगुवाई में रेस्क्यू कर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तेज बारिश के चलते भूस्खलन भी हुआ है जिसके चलते किरंदुल विशाखापट्टनम रेल यातायात प्रभावित हुआ है। चारों तरफ पानी के चलते सुकमा जिले में हालात बेहद खराब हो गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज हेलीकॉप्टर से सुकमा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

    छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां अभी भी पूरी तरह थमी नहीं है  बताया जा रहा है कि 2 दिन रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है जिसके चलते बारिश भी हो सकती है।