• एक पीए पर फिर गिरी गाज, नाराज मंत्री ने किया सीधे कार्यमुक्त

    रायपुर, 9 सितंबर 2026। निजी स्थापना में पदस्थ कई सहायकों के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिलने पर मंत्री उन्हें बाहर का रास्ता दिखा चुके हैं। इसी क्रम में राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल ने सोमवार को अपने निज सचिव संतोष अग्रवाल को सीधे कार्यमुक्त कर दिया। बताया जा रहा है कि नागरिक आपूर्ति निगम के उप प्रबंधक संतोष अग्रवाल को लेकर मंत्रियों के कार्यकर्ता एवं परिजन लंबे समय से नाराज चल रहे थे। एक कार्यकर्ता ने बताया कि कथित पीए, मंत्री की बात सीधे काट देते थे। हमारी मांगों पर मंत्री जी आश्वासन देते थे लेकिन संलग्न पीए नियम कानून का हवाला देकर साफ मना कर देते थे। नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के जिला प्रकोष्ठ के एक नेता का कहना था कि पीए संतोष अग्रवाल का व्यवहार हमेशा हृदय को दुःख पहुंचाने वाला होता था। उनके मुंह से हमेशा ना निकलता था। मंत्री जी का हवाला देने पर वह बख्तमीजी पर उतारू हो जाता था।

    वहीं खाद्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कथित पीए का निर्देश होता था वे जो बोलेंगे वहीं करना है मंत्री से पूछने की कोई जरूरत नहीं है। वह पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया की तर्ज पर चलते थे। उनका यह भी कहना है कि वह राईस मिलर्स और कुछ फूड अफसरों के साथ मिलकर समानांतर सत्ता चला रहे थे। लंबे समय से उनकी शिकायत हो रही थी लेकिन मंत्री जी पीए पर बहुत भरोसा करते थे। इसलिए अनसुना कर देते थे। जब चीजें सीमा से बाहर होने लगीं तब पार्टी संगठन भी चौकन्ना हो गया और माननीय को एलर्ट किया गया।

    नागरिक आपूर्ति निगम के उप प्रबंधक संतोष अग्रवाल खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के निज स्थापना में केवल संलग्न थे उनकी सामान्य प्रशासन विभाग से विधिवत पदस्थापना नहीं हुई थी। लेकिन वह निज सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे। अपने अटैचमेंट के कुछ दिनों बाद ही वह मंत्री का विश्वास जीतने में सफल रहे। मंत्री जी के एक शुभचिंतक ने बताया कि कथित पीए ने पहले मंत्री जी के पुराने लोगों को काटना शुरू किया। फिर मंत्री जी के बंगले में एक छत्र राज करने लगे। बिना उनकी जानकारी के न ही कोई चिट्ठी बाहर जाती थी और न ही किसी फ़ाइल पर मंत्री जी का अनुमोदन होता था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंत्री जी ने चुनाव से 2 वर्ष पहले ही ऐसे पीए को हटाकर अपना जनाधार को खिसकने से बचाने में सफल रहे हैं। वैसे भी कहा जाता है कि दयालदास बघेल सही समय पर निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं।