• झारखंड के छात्र नेता देवेंद्र महतो ने खत्म की  भूख हड़ताल, सदर अस्पताल में जूस पीकर तोड़ा अनशन

    समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की  विशेष रिपोर्ट:-
    झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जेएसएससी और सीजीएल परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है.

    रांची, 18 अगस्त 2026. झारखंड में जेपीएससी - जेएसएससी  और सीजीएल परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के आगे आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा. राज्य सरकार ने आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग मानते हुए जेएसएससी- सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला किया. सीएम हेमंत सोरेन ने जेएसएस - सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल के सभी परीक्षा रद्द करने का ऐलान कर दिया. इस ऐलान के बाद रांची सदर अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी.

    जयराम महतो ने अपने हाथ से उन्हें खिलाया
    सीएम हेमंत सोरेन के  ऐलान के बाद सोमवार देर रात राज्य की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और विधायक जयराम महतो रांची के सदर अस्पताल पहुंचे. यहां देवेंद्र नाथ महतो को जयराम महतो ने अपने हाथों से कुछ खिलाया. जबकि मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने उन्हें जूस पिलाया. जूस पीने के बाद  छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने  अपनी भूख हड़ताल  खत्म कर दी.

    बता दें कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की  तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में भी देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल जारी रखी थी. भूख हड़ताल खत्म करने के बाद छात्र नेता ने मांगे मानने के लिए सीएम हेमंत सोरेन को धन्यवाद दिया. साथ ही एग्जाम पर नजर रखने और पेपर लीक को रोकने के लिए कड़े कानून और सुधार की भी मांग की.

    बड़ा फैसला लेने की हिम्मत दिखाने के लिए झारखंड सरकार को धन्यवाद: देवेंद्र महतो

    देवेंद्र महतो ने कहा, 'मेरी भूख हड़ताल का 16वां दिन है. यह लड़ाई 2 जुलाई को शुरू हुई थी और 20 जुलाई को सीएम हेमंत सोरेन के साथ मीटिंग के बाद, 28 जुलाई को सीआईडी जांच शुरू की गई. जांच पूरी तरह से की जा रही है, किसी को भी नहीं बक्शा जा रहा है, यहां तक कि पूर्व चीफ सेक्रेटरी और जेपीएससी के चेयरपर्सन जैसे बड़े लोगों को भी नहीं. मैं झारखंड सरकार को इतना बड़ा फैसला लेने की हिम्मत दिखाने के लिए तहे दिल से शुक्रगुजार हूं.
    "आज झारखंड के लिए एक बड़ी जीत है. हालांकि मैं अभी अपना प्रोटेस्ट रोक रहा हूं, लेकिन सुधार के लिए मेरी लड़ाई जारी रहेगी. मैं एक ऐसे एजुकेशन  सिस्टम की कल्पना करता हूं जहां पर पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियां न हों:" - देवेंद्र नाथ महतो, छात्र नेता